My first gay kiss
Shutterstock/ sirtravelalot/Persons in the picture are models

'हमारा पहला किस जादुई था!'

द्वारा Mohit Dudeja नवंबर 3, 01:10 बजे
अमन कार्तिक से प्यार करता था और अपनी ज़िंदगी की कई पहली चीज़ें उसने उसके साथ ही शेयर की थीं- पहला प्रोपोजल, पहला किस और बहुत कुछ। उसने अपनी कहानी लव मैटर से साझा की है।

19 साल का अमन नोएडा के न्यूज़पेपर ऑफिस में काम करता है। 

और..प्यार हो गया 

जब मैं 17 साल का था मैंने फेसबुक पर अपना फ़ेक अकाउंट बनाया ताकि होमोसेक्सुअल लोगों से कनेक्ट कर सकूँ। वहाँ मुझे कार्तिक मिला। उसका अकाउंट भी फ़ेक ही था लेकिन जैसे ही हम एक दूसरे को थोड़ा जान गए हमने एक दूसरे से अपने पिक्चर और सही नाम शेयर किए। फ़ोन पर लगभग छह महीने बात करने के बाद हमने मिलने का सोचा। हमारा पहला डेट मैकडोनाल्ड में हैप्पी मील के साथ ढेर सारी प्यार की बातों के बीच हुआ और मुझे उससे प्यार हो गया। 

वह एक जॉकी और दिल्ली के छतरपुर में हॉर्स राइडिंग ट्रेनर था। मैं उन दिनों क्लास 11 का स्टूडेंट था और क्रिकेट की प्रैक्टिस करता था। उस दिन के बाद उससे मिलना मेरी आदत बन गई। मैंने उसके बारे में अपने क्रिकेट कोच को बताया जो मेरे और कार्तिक के रिश्ते को लेकर सपोर्टरिव थे। 

दो महीने बाद उसने मुझे फार्महाउस की अपनी एक पार्टी में बुलाया जहाँ वह काम करता था। फूलों और गिफ्ट के साथ उसने मुझे ज़िंदगी भर के रिश्ते के लिए प्रोपोज़ किया। वह मेरा बहुत ही खास दिन था। 

फिर वह दिन आया जब हमने पहली बार एक दूसरे को किस किया।  2012 के शुरुआत से पहले साल की आखिरी शाम थी वह। वह शराब के हल्के सुरूर में था और मैं उसे छतरपुर मेट्रो स्टेशन पर लाने गया था। स्टेशन पर दाखिल होने वाले पुल पर उसने मुझे पहली पार होंठों पर किस किया था। 

मेरे पेट में कुछ कुछ होने लगा लेकिन उसके होंठों की वह छुअन मुझे सातवें आसमान पर ले गई थी। मैंने उतने ही जोश से उसे वापस चूमा। यह किस कुछ सेकेंड का ही था लेकिन यह मेरी ज़िंदगी के कुछ सबसे सुंदर सेकेंड थे। 

वहाँ कुछ लोग हमें देख रहे थे लेकिन हमने परवाह नहीं की। 

उसकी माँ से मिलना 

पहली बार मिलने से, पहले प्रोपोज और पहले किस तक, कार्तिक ने मेरे लिए सब कुछ खास बना दिया था। मैं उससे बहुत गहरा और दीवानों की तरह प्यार करने लगा था, और वह भी। 

अगले दिन वह अपने मददगार परिवार से मुझे अपने बॉयफ्रेंड की तरह मिलाने ले गया। मैं थोड़ा आशंकित था लेकिन आश्चर्य में पड़ गया जब उसकी माँ ने मुझे नए साल के गिफ्ट के रूप में एक सुंदर सी जैकेट दी। उन्होंने मुझे उसी तरह स्वीकार किया था जैसा मैं था। 

मैं उस रात उसके रूम में रुका। ज़िंदगी बहुत खूबसूरत लग रही थी। कुछ दिनों बाद मेरे अठारहवें जन्मदिन पर हमने पहली बार एक दूसरे को प्यार किया –इस दिन को खास बनाते हुए। सबसे मीठे चुंबन के साथ हमने एक दूसरे को रूह तक महसूस किया। 

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