मेरी कहानी

यहाँ लव मैटर्स के पाठक अपने अनुभव लोगों से साझा करते हैं - दिल टूटने से लेकर एक नया रिश्ता जुड़ने तकI अपनी कहानियों को बेझिझक हमसे साझा करेंI 

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पीड़ा के समय में प्रेम

'हमें अपने चारों ओर एक ही तरह के रिश्तें नज़र आते हैं। नियमित रूमानी रात वाली डेट्स, जो अक्सर बाहर होती है...एक साथ ट्रिप्स, वक़्त-वक़्त पर सेक्स और बहुत सी ऐसी युगल जोड़ो वाली बातें। ऐसी कई चीज़ें हमारे लिए फिट नहीं बैठती और मेरी विकलांगता ने इन्हे और भी मुश्किल बना दिया था। ऐसे ‘तौर तरीकों’ को चुनौती देना आसान नहीं, जिन्हे समाज ना केवल स्वीकृति देता है, बल्कि पुरस्कृत भी करता है’ श्रीनिधि राघवन ने राइज़िंग फ्लेम को अपनी कहानी बताते हुए कहा।

कोविड के समय में विकलांगता के साथ डेटिंग

‘कुछ दिन अच्छे, तो कुछ दिन बुरे होते थे। कभी तो हम दिन भर बातें किया करते थे, और फिर कभी कभी तो बिलकुल ही नहीं। लेकिन मुझे सचमुच लगता है के कोविड का समय एक ऐसी परीक्षा की घड़ी थी जो हमें पास ले आयी, और अब हम एक दूसरे की विभिन्नता और इच्छाओं के प्रति अधिक संवेदनशील हो गए हैं’, निधि गोयल ने अपनी कहानी लव मैटर्स के साथ शेयर की।

खुद से मोहब्बत होना

‘हे ब्यूटीफुल’ जैसे मेसेजेस से दिन की खूबसूरत शुरुआत होना, विडिओ कॉल पर निहारे जाना, वो भी जब मैंने ठीक से काजल तक न लगाया हो... मुझे खुद से प्यार होने लगा था’... जब आप किसी डिसेबिलिटी के साथ जीते है, तो आप चाहते हैं कि आपकी जिन्दगी में कोई ऐसा आये जो आपको आपकी डिसेबिलिटी के साथ प्यार करें, ना की उसके बावजूद। श्वेता ने राइजिंग फ्लेम के साथ अपनी कहानी साझा की।

जब परमिशन मांगने पर मिला थप्पड़!

कंसेंट लेनी चाहिए या फ्लो के साथ जाना चाहिए? यह कंफ्यूज़िंग भी है और लाख टके का सवाल भी। ‘लेकिन फिर मेरे जैसे लोग नहीं जानते कि यह सब बिना मूड ख़राब किये बिना कैसे किया जाए!’ पहली बार परमिशन पर थप्पड़ पड़ने वाले अपने किस्से को अभिषेक ने लव मैटर्स इंडिया के साथ शेयर किया और साथ ही साथ परमिशन लेने के टिप्स, जो अब उन्हें मालूम हैं!

मेरा 2021 का संकल्प - सेक्स!

आख़िर अखिल को कभी कोई पार्टनर क्यों नहीं मिली? वह कभी सेक्स क्यों नहीं कर पाया? नए साल के शुरुआत में अखिल ने लव मैटर्स को अपनी कहानी बतायी, और शायद यह है कहानी घर घर की.

जब मैंने इंटरनेट पर गाली देने वाले का सामना किया

पिछले पाँच छः सालों में ऑनलाइन ट्रोलिंग बहुत तेज़ी से बढ़ी है। अक्सर इस में लोगों के निजित्व पर प्रहार किया जाता है। पुरुष हो तो उसके परिवार की स्त्रियों को, उसके जन्म को दाग़दार किया जाता है, स्त्री हो तो उसके पूरी अस्तित्व पर गंदगी थोप दी जाती है। ऐसे ही वाक़या दिल्ली की लेखिका अणु शक्ति सिंह के साथ हुआ। उन्हीने अपनी कहानी लव मैटर्स से शेयर की।

‘उस रात मेरे रोंगटे खड़े हो गए’

कीर्ति अपने मम्मी-पापा के साथ अपनी पहली ट्रिप को बहुत ख़ास बनाना चाहती थी। लेकिन फिर जो हुआ वो सोच भी नहीं सकती थी। आधी रात को कुछ आदमी उसके दरवाजे पर आ धमके और दरवाजे की घंटी बजाने लगे। वह इस हालात से कैसे निपटी? कीर्ति ने लव मैटर्स इंडिया के साथ अपनी कहानी साझा की।

‘मेरी बेटी को हाथ भी मत लगाना’

डॉ शीला रंजन* यूनिवर्सिटी में इकोनॉमिक्स की प्रोफेसर हैं। लेकिन आज भी उनको अपनी ज़िन्दगी एक सपना सी ही लगती हैं। अगर उनकी माँ ने बचपन में अपने और उनके लिए लड़ाई न लड़ी होती तो शायद वो आज जीवित भी नहीं होती। लव मैटर्स के कैंपेन #ItsTimeToAct के लिए डॉ शीला ने अपनी कहानी लव मैटर्स से शेयर की।

उसने कहा, 'मैं तुम्हें बर्बाद कर दूंगा'

जब विजय ने रिया को प्रपोज किया, तो उसने उसे साफ़ मना कर दिया लेकिन विजय जिद्दी था। उसने अपने दोस्त सोनू के साथ मिलकर रिया को धमकी दी और उससे कहा कि वह उसे ‘बर्बाद कर देगा'। रिया ने लव मैटर्स इंडिया के साथ अपनी कहानी साझा की।

‘प्यार से पूछने पर वो कॉन्डोम के लिए मान जाते हैं’

मुंबई में बतौर सेक्स वर्कर काम कर रही येलावा के पास रोज़-रोज़ से ग्राहक आते हैं जो उसे तंग करते हैं, सफाई का ध्यान नहीं रखते और नशे में हिंसक होते हैं। कॉन्डम का उपयोग करने से इनकार कर सकते हैं। ऐसे में खुद को सेफ रखने के लिए वो क्या करती हैं? येलावा की कहानी आस्था परिवार ने लव मैटर्स के साथ शेयर की।

‘सीख गयी हूँ कॉन्डोम के लिए कैसे तैयार करना है’

प्रिया मुंबई में सेक्स वर्कर है। मुश्किल के दिनों में चुने हुए इस काम पर प्रिया खेद नहीं करती। सेक्स वर्क उनके लिए अपने लक्ष्य तक पहुँचने का रास्ता है। हां मगर वो अपने काम को ज़िम्मेदारी से करती हैं और खुद को सेफ और स्वस्थ्य रखती हैं। ये आसान नहीं हैं। खासकर ग्राहकों कॉन्डोम के लिए राज़ी करना। प्रिया की कहानी आस्था परिवार ने लव मैटर्स के साथ शेयर की।

‘इन लड़कों को थप्पड़ मारने की जरूरत नहीं’

जब लड़कों के एक ग्रुप ने रोज़ शीतल को परेशान करना शुरू कर दिया, तो उसके लिए कोचिंग क्लास जाना एक बहुत बड़ा सर दर्द बन गया। इससे भी बुरा यह था कि आसपास के लोगों ने उन लड़कों को रोकने की जगह उनका साथ दिया और उल्टा उसे ही अकेले बाहर न जाने के सलाह दे डाली। लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ जिसने स्थिति को हमेशा के लिए बदल दिया। शीतल ने लव मैटर्स इंडिया के साथ अपनी कहानी साझा की।