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लम्बा ऑर्गेज्म: क्या आपने इन खिलौनों को आज़माया है?

चाहे आपको अकेले मज़ा आता हो फिर पार्टनर के साथ, सेक्स टॉय से आपका मज़ा बहुत ज्यादा बढ़ सकता है। इससे पहले की आप इसका इस्तेमाल करें, हम आपको बता रहे हैं मार्केट में कौन से सेक्स टॉय काफी पापुलर हैं।

सबसे पहले बात करते हैं बिस्तर के इन इलेक्ट्रॉनिक साथियों की। ज्यादातर लोग मानते हैं कि सेक्स टॉयज़ सिर्फ उन लोगों के लिए ऑर्गेज्म पाने का एक मात्र तरीका है जो अकेले सेक्स करके खुद को खुश करने की कोशिश करते हैं। दरअसल, सही सेक्स टॉय किसी भी रिश्ते की इंटीमेसी को कई गुना तक बढ़ा सकते हैं। रोज-रोज अपने जननांगो, मुंह और उंगलियों के साथ वाले फोरप्ले से आप बोर हो चुके हैं तो अपनी सेक्स लाइफ में इन टॉयज का इस्तेमाल शुरू करिए, यकीन मानिए ये खिलौने आपको उत्तेजना के चरम पर पहुंचा सकते हैं और आपके अनुभव को पूरी तरह बदल देंगें।

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वाइब्रेटर

आमतौर पर देखा जाए तो लोग सेक्स टॉय के लिए वाइब्रेटर शब्द का ही इस्तेमाल करते हैं जो क्लिटोरिस, योनि, पेनिस, अंडकोष या गुदा जैसी संवेदनशील जगहों पर उत्तेजना पैदा करता है। इसे सबसे पहला सेक्स टॉय माना जाता है जिसे 18वीं शताब्दी में बनाया गया था। 

जैसा कि कहा जाता है, क्लासिक चीजें कभी नुकसान नहीं पहुँचाती इसलिए अगर आप कई तरह के सेक्स टॉय साथ रखना चाहते हैं तो वाइब्रेटर के ये वेरिएंट ट्राई कर सकते हैं : 

  • रैबिट वाइब्रेटर: यह वाइब्रेटर एक डबल-ड्यूटी डिवाइस है जिसे दोनों पार्टनर के आनंद को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। यह खासतौर पर हेट्रोसेक्सुअल के लिए है। इसका खरगोश के कान की तरह वाला हिस्सा क्लिटोरिस को उत्तेजित करता है। साथ ही इसमें लगा ‘वाइब्रेटिंग पेनिस रिंग’ पुरुषों के आनंद को भी बढ़ाता है। 
  • स्लिप-इन वाइब्रेटर: इस छोटे से वाइब्रेटर को योनि के अंदर डाला जा सकता है और इसे लंबे समय तक पहना जा सकता है। यह उन कपल्स के लिए बेहतर है जो बेडरूम के बाहर इंटीमेसी का मजा लेना चाहते हैं। इसे अंदर लगाने के बाद दोनों पार्टनर इसे रिमोट से कंट्रोल कर सकते हैं। और बहुत ज़बरदस्त ओर्गास्म्स का आनंद ले सकते हैं।  
  • पॉइंट वाइब्रेटर: यह एक छोटा वाइब्रेटर है जिस पर एक पॉइंटेड टिप लगी होती है। आप जब और जहां चाहें, सीधे उत्तेजना को बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। अधिकांश सेक्स टॉय से अलग इसका इस्तेमाल सिर्फ जननांगों तक ही सीमित नहीं है। निपल से लेकर जांघ, गर्दन और पेट तक, आप कहीं भी इसका इस्तेमाल करके एक दूसरे को खुश कर सकते हैं।
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पेनिस रिंग

इसे कॉक रिंग भी कहा जाता है। इन्हें पेनिस के ऊपर पहना जाता है लेकिन ये दोनों पार्टनर के मजे को बढ़ाने का काम करते हैं। ये रिंग मुख्य रूप से पेनिस में खून के प्रवाह को रोककर उसे लंबे समय तक उत्तेजित बनाए रखने में मदद करते हैं।

ये कुछ बेहतरीन पेनिस रिंग हैं जिन्हें आप आज़मा सकते हैं:

  • वाइब्रेटर रिंग: इसके अलग-अलग मॉडल में अलग-अलग वाइब्रेटिंग सेटिंग होती है जो दोनों पार्टनर के मजे को कई गुना बढ़ाता है। हेट्रोसेक्सुअल कपल के लिए रिंग का बाहरी हिस्सा क्लिट टिकलर के रूप में भी काम करता है जो महिला पार्टनर के ऑर्गेज्म को बढ़ाता है। 
  • सिलिकॉन रिंग: यह सबसे आम पेनिस रिंग है जो सॉफ्ट सिलिकॉन का बना होता है। आमतौर पर इसे लिंग के उत्तेजित होने से पहले पहना जाता है। इसकी बनावट और लचीलापन नए लोगों के लिए एकदम परफेक्ट है। 
  • बोलो-टाई रिंग: इस प्रकार की पेनिस रिंग में एक बोलो-टाई-स्टाइल डिज़ाइन और एक स्लाइडिंग बटन होता है जिससे इसे अच्छी तरह फिट किया जा सकता है। इसे आप लिंग के पूरी तरह उत्तेजित होने पर पहन सकते हैं और किसी भी समय उतार सकते हैं।
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बट प्लग

बट प्लग एनल टॉय हैं जिनका इस्तेमाल गुदा में उत्तेजना पैदा करने के लिए किया जाता है। पुरुषों में ये प्रोस्टेट को उत्तेजित करते हैं और महिलाओं में ये वजाइनल इंटरकोर्स को बहुत अधिक सुखद बनाते हैं। चाहे आप गुदा सेक्स (ऐनल सेक्स) अभी सिर्फ ट्राय ही करना चाहते हों या आप पहले से ही ये करते आ रहे हों, आप बट प्लग्स को आनंद बढ़ने के लिए आज़मा सकते हैं।

आप इन टॉप बट प्लग डिज़ाइन में से कोई भी चुन सकते हैं :

  • क्लासिक प्लग: ये डिल्डो जैसे आकार के लेकिन छोटे होते हैं। क्लासिक बट प्लग का डिज़ाइन काफी सिम्पल होता है और इसकी चिकनी सतह 3 से 5 इंच लम्बी होती हैं। पहली बार इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए ये बेस्ट है।
  • एक्सपेंडिंग प्लग: एक्सपेंडिंग बट प्लग क्लासिक से काफी अलग दिखते हैं। ये मुलायम, लचीले और फूल की आकार के होते हैं। आप इसकी पंखुडियों को दबाकर इसे एक बल्ब की तरह पकड़ सकते हैं और ये पंखुडियां रेक्टम (मलाशय) के अंदर जाकर खुलती हैं। ये आपके मजे को कई गुना तक बढ़ा देती हैं।
  • इनफ्लेटेबल प्लग: जैसा कि नाम से पता चलता है, ये गुदा के अंदर डाले जाने के बाद फूल जाता है। ये उन लोगों के लिए एकदम सही हैं जो बड़े प्लग का आनंद लेना चाहते हैं लेकिन उन्हें अंदर डालने में दिक्कत होती है। वैसे ये आकार में काफी छोटे होते हैं और इसे आप अपनी पसंद के अनुसार अंदर डालने के बाद बड़ा कर सकते हैं। 
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यूरेथ्रल साउंड / यूरेथ्रल प्लेइंग

सेक्स टॉय में यूरेथ्रल साउंड बेहद पापुलर है जो अब महिला और पुरुष दोनों के लिए उपलब्ध है। ये स्टेनलेस स्टील, टाइटेनियम, सिलिकॉन या प्लास्टिक से बने होते हैं। ये पतले चिकने रॉड होते हैं जिसे यूरेथ्रा के अंदर डाला जाता है। इसके इस्तेमाल से पेनिस या वल्वा को हल्का सा छूने पर भी उत्तेजना कई गुना बढ़ जाती है। इन सेक्स टॉयज (यूरेथ्रल साउंड / यूरेथ्रल प्लेइंग) का नाम यूरेथ्रा के अंदर कैथेटर या प्रोब डालने वाली मेडिकल प्रोसीजर के नाम पर पड़ा है।

इसके ये प्रकार उपलब्ध हैं:

  • हैंक साउंड: ये डबल-एंडेड साउंड, बंप (उभार) के साथ डिजाइन किए गये हैं। जिससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि इसे कितना अंदर तक डालना है। हैंक साउंड का आकार दोनों सिरों पर अलग-अलग होता है जिससे आप इसे अंदर डालते समय इसकी मोटाई का विकल्प चुन सकते हैं। शुरुआत करने वाले लोगों के लिए यह अच्छा विकल्प है।
  • हेगर साउंड: यह भी दो सिरों वाला है, लेकिन अपने S आकार के कर्व के कारण यह अलग होता है। इसे आसानी से अंदर डाला जा सकता है।
  • प्रैट साउंड: ये काफी लंबे होते हैं और इसका कर्व थोड़ा ज्यादा होता है। यह उन लोगों के लिए बेहतर है जिन्हें यूरेथ्रल साउंड के इस्तेमाल का पहले से अनुभव हो। 

यूरेथ्रल साउंड शायद सेक्स टॉय की सबसे ज्यादा मुश्किल चीज होती है और इनका इस्तेमाल करने के लिए थोड़ी प्रैक्टिस की जरूरत होती है। यदि आप किसी साउंडर का गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं या बहुत बड़े साइज़ वाले साउंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो आपको अंदरूनी चोट लगने का खतरा रहता है।

इस्तेमाल के दौरान इन सावधानियों को ध्यान में रखें:

  • हर बार इस्तेमाल करने से पहले और बाद में अपने सेक्स टॉयज को स्टरलाइज़ करें।
  • यौन संचारित रोगों के खतरे से बचने के लिए अपने पार्टनर के साथ यूरेथ्रल साउंड शेयर न करें।
  • दर्द या चोट से बचने के लिए इंसर्ट करने से पहले वाटर बेस्ड ल्यूब का इस्तेमाल करें। इसे यूरेथ्रा या साउंडर की टिप पर लगाएं।
  • आरामदायक पोजिशन में धीरे-धीरे अंदर डालने की कोशिश करें। 
  • साउंडर को अंदर डालते समय महिलाओं को अपनी योनि (लेबिया) को फैलना चाहिए जिससे ये आसानी से अंदर जा सके। जबकि पुरुषों को इसे तब अंदर डालना चाहिए जब उनका लिंग आधा उत्तेजित हो चुका हो जिससे रगड़ कम महसूस हो।
  • अगर आप आसानी से साउंडर नहीं निकाल पा रहे हैं तो ऐसी स्थिति में अपने यूरेथ्रा के आसपास की त्वचा की मालिश करें। ल्यूब लगाएं या गर्म पानी में बैठें जिससे मांसपेशियों को राहत मिलेगी। यदि कोई भी तरीका काम नहीं करता है तो बिना देर किए डॉक्टर के पास जाएं।
  • ध्यान रखें कि साउंडर के कारण संवेदनशीलता बढ़ने से दर्द हो सकता है।हालांकि यह अस्थायी होता है और कुछ समय बाद अपने आप कम हो जाता है।

अब आप समझ गए होंगे कि कौन सा सेक्स टॉय आपके मजे को दो गुना कर सकता है। हमेशा अच्छी क्वालिटी का सेक्स टॉय खरीदें और जरूरत पड़ने पर ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल जरूर करें। इस्तेमाल करने के बाद सेक्स टॉय को साफ करके रखें। सेक्स टॉयज़ का उपयोग करने से पहले यह भी जान लें की क्या करें क्या न करें। यह उतना ही ज़रूरी है जितना सही सेक्स टॉय को चुनना।

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