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‘अपने आस-पास सब प्यार जैसा लगता है’

यौन विभिन्नता
कभी-कभी साधारण चीज़ों की चाह सबसे ज्यादा होती है, और मैं चाहती थी कि उसका ध्यान मेरी ओर हो। मैंने उसे या किसी और को कभी नहीं बताया कि मुझे कैसा महसूस होता है पर मैं मन ही मन उससे प्यार करती थी। मेरी ज़िन्दगी उस तमिल गाने ‘कनाबाथेलम ... कधालाड़ी’ (मैं जो भी आस-पास देखती हूँ, सब प्यार जैसा लगता है) के जैसी लगने लगी थी। डॉक्टर दीपा वी. राइजिंग फ्लेम से अपनी कहानी बताते हुए कहती हैं।

पहला सेक्स कुछ ख़ास नहीं रहा - तो ये पढ़िए!

सेक्स करना
माही और अजय का पहली बार सेक्स का अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहा। उन्हें इससे बहुत उम्मीदें थीं और अब वे दोनों नहीं जानते कि अब क्या करें? अगर आपको लगता है यह आपकी कहानी है, तो चिंता बिलकुल न करें, हमारे पास आपके लिए कुछ शानदार सुझाव हैं, जिन्हें अपनाकर आप सुखद सेक्स का आनंद ले सकेंगे!

कोविड के समय में विकलांगता के साथ डेटिंग

यौन विभिन्नता
‘कुछ दिन अच्छे, तो कुछ दिन बुरे होते थे। कभी तो हम दिन भर बातें किया करते थे, और फिर कभी कभी तो बिलकुल ही नहीं। लेकिन मुझे सचमुच लगता है के कोविड का समय एक ऐसी परीक्षा की घड़ी थी जो हमें पास ले आयी, और अब हम एक दूसरे की विभिन्नता और इच्छाओं के प्रति अधिक संवेदनशील हो गए हैं’, निधि गोयल ने अपनी कहानी लव मैटर्स के साथ शेयर की।

खुद से मोहब्बत होना

यौन विभिन्नता
‘हे ब्यूटीफुल’ जैसे मेसेजेस से दिन की खूबसूरत शुरुआत होना, विडिओ कॉल पर निहारे जाना, वो भी जब मैंने ठीक से काजल तक न लगाया हो... मुझे खुद से प्यार होने लगा था’... जब आप किसी डिसेबिलिटी के साथ जीते है, तो आप चाहते हैं कि आपकी जिन्दगी में कोई ऐसा आये जो आपको आपकी डिसेबिलिटी के साथ प्यार करें, ना की उसके बावजूद। श्वेता ने राइजिंग फ्लेम के साथ अपनी कहानी साझा की।

जब परमिशन मांगने पर मिला थप्पड़!

प्यार एवं रिश्ते
कंसेंट लेनी चाहिए या फ्लो के साथ जाना चाहिए? यह कंफ्यूज़िंग भी है और लाख टके का सवाल भी। ‘लेकिन फिर मेरे जैसे लोग नहीं जानते कि यह सब बिना मूड ख़राब किये बिना कैसे किया जाए!’ पहली बार परमिशन पर थप्पड़ पड़ने वाले अपने किस्से को अभिषेक ने लव मैटर्स इंडिया के साथ शेयर किया और साथ ही साथ परमिशन लेने के टिप्स, जो अब उन्हें मालूम हैं!

जब कोरोना ने करवाई शादी!

प्यार एवं रिश्ते
कबीर के माता-पिता ने आकांक्षा के साथ उसकी शादी तय करने की कोशिश की, मगर वो अरेंज्ड मैरिज के सख्त खिलाफ था। मगर चीज़ें तब बदल गयीं जब लॉक डाउन के दौरान दोनों ने एक दूसरे से बातचीत करनी शुरू की। कबीर ने अपनी कहानी लव मैटर्स इंडिया के साथ शेयर की।

लिंग तनाव समस्या से परेशान: पांच मुख्य तथ्य

सेक्स समस्याएं: कैसे निपटें इनसे
इरेक्टाइल डिसफंक्शन - कुछ चीजें हैं जिसके बारे में पुरुष बात करना पसंद नहीं करते| समस्या होने के बावजूद वो इसे मानने से बचते हैं| उनका मानना होता है कि यह परेशानी उनके पुरुषत्व पर असर डालेगी| परेशानी होती भी है तब भी उसके बारे में उनका मानना होता है कि यह ‘अन्य प्रकार के लोगों’ के साथ ही होता है, उनके साथ नहीं हो सकती। जबकि हकीकत में यह सब असामान्य नहीं है। ऐसे ही पांच मुख्य तथ्य जिनके बारे में पुरुषों को जानकारी होनी चाहिए:

वो 17 बरस की, मैं 18 बरस का - क्या हम सेक्स कर सकते हैं?

सेक्स करना
किशोरावस्था बहुत रोमांचक समय होता है। बड़े होने के इस अनुभव का एक बड़ा हिस्सा है सेक्स को लेकर उत्सुकता! जहाँ कुछ लोग क्या, अगर, ओह, लेकिन... आदि में उलझे होते हैं, वहीं कुछ सेक्स के अनुभव के लिए खुद को तैयार मानते हैं। लेकिन, यदि आप भारत में रहते हैं और अभी 18 वर्ष के नहीं हुए हैं या आपका साथी 18 का नहीं है, तो आपका कुछ बातों को जानना महत्वपूर्ण है।