आंटी जी, पहले आप सवालों के जवाब बहुत जल्दी दे दिया करती थीं लेकिन अब बहुत वक्त लगता है। ऐसा क्यों आंटी जी? और उड़ती उड़ती खबर मिली है की कोई चैटबॉट भी आएगा हमारे जवाब देने? क्या आप हमको छोड़ कर जा रही हो?- सुमन, मध्यप्रदेश
"कभी सोचा है, अगर ‘वजाइना’ के लिए कोई शब्द ही ना होता तो लोग इसे क्या कहते? हां, हमें पता है कि आपके पास कई नाम है लेकिन हम उन नामों के बारे में फिलहाल बात नहीं कर रहे। तो बात ये है कि एक तरफ लोग इसे पूजते हैं, तो दूसरी तरफ अनेक कारणों से इससे डरते भी हैं। क्या आपको डर के कारण के बारे में पता है? खैर, आपको पता चल जाएगा। इस हफ़्ते के ‘Sex in the Press’ में योनि की पूजा और उसके साथ जुड़े मिथखों की बात होगी।”
क्या सच में वजाइना/योनि को टाइट करना ज़रूरी है? आजकल हर जगह बस एक ही बात सुनाई देती है- "वजाइना टाइट करो, तभी मज़ा आएगा!" लेकिन क्या ये सच है या बस एक चाल है, महिलाओं को शर्मिंदा करने की या बातें बनाने के लिए एक टॉपिक? चलिए, इस टॉपिक की परतें खोलते हैं। बिना किसी झिझक और बिना किसी डर के।
आंटी जी, मुझे मायके की दीवाली याद आती है, लेकिन शादी के बाद सब कुछ बदल गया है। अब अपने नए घर में हूं, जहां सब अपने हैं, पर दिल मायके की तरफ भाग जाता है। पति बहुत प्यार करते हैं, मगर समझ नहीं पाते कि मुझे ये खालीपन क्यों लगता है। क्या ये नॉर्मल है कि नया रिश्ता होते हुए भी मैं अपने पुराने घर को इतना मिस करूं? शोभा, औरंगाबाद
आरव के साथ वक्त बिताते-बिताते कोमल ये भूल गई कि उसकी खुद की भी कोई ज़िंदगी है। पहले वो अपने दोस्तों के साथ वक्त बिताती थी, खुद के साथ समय बिताती और किताबें पढ़ा करती थी लेकिन आरव से मिलकर सब छूट गया लेकिन क्यों कोमल ने खुद को ढूंढ़ा? कोमल (मुंबई) ने हमारे साथ अपनी कहानी साझा की है।
आरव और मीरा काफी अच्छे दोस्त थे या शायद दोस्त से कहीं ज्यादा लेकिन आरव इस रिश्ते को नाम नहीं देना चाहता था और मीरा के लिए ये सबकुछ बहुत जरूरी था। जानें क्या हुआ उनके रिश्ते का अंजाम, जिसे हमारे साथ खुद मीरा ने साझा किया है।
आंटी जी, मेरी पहले से एक बेटी है और मैं दूसरे बच्चे का सोच रही। इस दौरान मेरे मौहल्ले की आंटियों ने मुझे बताया कि सेक्स पोज़िशन का होने वाले बच्चे के लिंग से संबंध होता है। क्या सच में ऐसा होता है? - अदिति।