Sexy woman with on / off button
Shutterstock / Yury Smelov / Sanit Fuangnakhon / Love Matters

ऑन और ऑफ़ का बटन?

द्वारा Sarah Moses नवंबर 9, 05:41 बजे
क्या एक नज़र भर से आपकी ख़्वाहिशें जाग उठती हैं? और क्या छोटी सी बात से ये मूड रफ़ादफ़ा हो जाता है? आपका जवाब आपके सेक्स जीवन के बारे में काफ़ी कुछ बता सकता हैं, हाल में महिलाओं की लैंगिकता के बारे में हुई रिसर्च दर्शाती है।

सोचिए कि शुक्रवार को रात है और आपके रूम मेट किसी पार्टी में गए हैं। घर में केवल आप और आपका बायफ़्रेंड हैं। आप दोनों डिनर ख़त्म करके बेडरूम की तरफ़ रूख करते हैं। माहौल में गरमी आनी शुरू ही हुई और दरवाज़े पर अचानक दस्तक! आपकी उत्तेजना शीर्ष पर पहुँचने के साथ ही आपके दोस्त वापस आ धमके। तो क्या ऐसे में आप वापस अपने कपड़े पहन उन लोगों के साथ मौज मस्ती में शामिल हो जाते हैं या साथ वाले कमरे में जाकर उस अधूरी ख़्वाहिश को पूरा करते हैं?

रफ़्तार और ब्रेक

महिलाएँ(और पुरुष) उत्तेजित होने के मामले में एक दूसरे से काफ़ी अलग होते हैं। कुछ महिलाओं के लिए उत्तेजना ख़त्म होने के लिए छोटी सी वजह ही काफ़ी होती है, जबकि कुछ अगर उत्तेजित हो जाएँ तो फ़िर पीछे नहीं हटतीं।

किंसेयस के सेक्स रेस्पॉन्स इन्स्टिटूट के अनुसार उत्तेजना के दो घटक हैं, जैसे ऐक्सेलरेटर पर पैर रख कर रफ़्तार पकड़ना और जैसे अचानक ब्रेक लगना। एक ओर है सेक्स संकेतों और संवेदनाओं के चलते शारीरिक उत्तेजन और दूसरा किसी वजह से अचानक इस उत्तेजना का अंत हो जाना।

प्रेमी की ख़ुशबू

वैज्ञानिकों ने इस उत्तेजना और उसके ख़त्म हो जाने के बारे में महिला और पुरुषों से सवाल पूछे। महिलाओं ने अपनी उत्तेजना के कारणों का जवाब दिया( जैसे 'गंदी बातें' या प्रेमी के शरीर की गंध) और उत्तेजना का बरबस ही ख़त्म हो जाने की वजह, जैसे (सेक्स बिलकुल आदर्श तरीक़े से कर पाने का दबाव या अपने शरीर को लेकर झिझक)। महिलाओं के जवाब उनके सेक्स जीवन के बारे में काफ़ी कुछ उजागर करते हैं।

जैसे उदाहरण के तौर पर, जिन महिलाओं के साथ बरबस उत्तेजना ख़त्म हो जाने का अनुभव अक्सर हुआ, रिसर्च के अनुसार उनका ऑर्गैज़म तक पहुँचना ज़रा मुश्किल हो गया। ये वो महिलाएँ हैं जो तब तक उत्तेजना के स्तर तक नहीं पहुँच पातीं जब तक कि सब कुछ बिलकुल उनकी अपेक्षाओं के अनुरूप ना हो। और छोटी से छोटी वजह भी उनके मामले में काम बिगाड़ सकती है।

ये उन महिलाओं के संदर्भ में भी सच है जो सेक्स को लेकर चिंता या दबाव में रहती हैं- जैसे कि उन्हें ऑर्गैज़म तक पहुँचने में कितना समय लगेगा या फिर उनका सेक्स प्रदर्शन कहीं ख़राब तो नहीं। इस तरह का दबाव उनकी उत्तेजना के रास्ते का पत्थर बन जाता है।

यदि सेक्स का कोई पहलू आपको परेशान कर रहा है तो आप 'लेट्स टाक' मंच पर उस बारे में सवाल पूछ सकती हैं। और हाँ, डॉक्टर के पास जाने में हिचकिचाएँ नहीं।

यदि आप यह जानने की उत्सुकता रखती हैं कि उत्तेजित होने में आपको औरों की तुलना में कितना समय लगता है किंसेयस इन्स्टिटूट की वेबसाइट पर जाकर आप क्विज़ के ज़रिए जान सकते हैं।

स्त्रोत:
डॉ सिंथिया ग्रैहम प्रेजेंटेशन एट वास द साइकोमेट्रिक प्रॉपर्टीज ऑफ़ द सेक्सुअल एक्साइटेशन /सेक्सुअल इन्हिबिशन इन्वेंटरी फॉर वीमेन (SESII-W) विदिन अ डच पापुलेशन (2015), ब्लॉेमेंडाल लबी , लान एट .
साइकोमेट्रिक प्रॉपर्टीज ऑफ़ द सेक्सुअल एक्साइटेशन /सेक्सुअल इन्हिबिशन इन्वेंटरी फॉर वीमेन इन अ जर्मन सैंपल (2015), वेलटेन जे, स्कोलटेन एस, ग्रैहम सी ए, मारग्राफ जे 

क्या आप इस जानकारी को उपयोगी पाते हैं?

Comments
नई टिप्पणी जोड़ें

Comment

  • अनुमति रखने वाले HTML टैगस: <a href hreflang>