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वैजिनिज्म्स के बारे में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

द्वारा Akshita Nagpal सितम्बर 18, 10:00 बजे
वैजिनिज्म्स एक ऐसी समस्या है जिसमें योनि की मांसपेशियां संकुचित (टाइट) हो जाती हैं जिसके कारण प्रवेशित सेक्स या टैम्पोन लगाने के दौरान योनि में बेचैनी या दर्द महसूस होता है। लव मैटर्स इंडिया आपको वैजिनिज्म्स की समस्या एवं इसके इलाज के बारे में आगे विस्तार से बता रहा है।

वैजिनिज्म्स क्या है?

यह एक ऐसी स्थिति है जब योनि के अंदर कुछ भी अंदर डालने की कोशिश की जाती है तो योनि की मांसपेशियां अपने आप ही संकुचित हो जाती हैं। इस संकुचन का प्रभाव जांघ की मांसपेशियों में भी महसूस किया जा सकता है।

योनि में लिंग के प्रवेश के समय इस संकुचन की अनदेखी करने से असहजता और दर्द दोनों बढ़ सकता है। योनि में प्रवेश कराने का अर्थ लिंग, सेक्स टॉय, टैम्पोन या मेंस्ट्रुअल कप, अंगुली आदि से है। इसके अलावा चिकित्सीय परीक्षण के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा भी योनि द्वार या उसके आसपास स्पर्श करने की ज़रूरत पड़ती है।

दर्द तब भी हो सकता है जब लिंग को सिर्फ़ अंदर डालने की कोशिश भर की जाए भले ही लिंग योनि के अंदर पूरी तरह ना गया हो। प्रवेश कराने (इंसर्ट) की कोशिश के दौरान सिर्फ़ कुछ समय तक दर्द बना रहता है लेकिन कई मामलों में इसके बाद भी लगातार दर्द हो सकता है।

महिलाओं को कुछ ख़ास स्थितियों वाला वैजिनिज्म्स भी हो सकता है। इस स्थिति में कुछ विशेष चीजों (जैसे कि  मेंस्ट्रुअल कप) को योनि में डालने पर दिक्कत नहीं होती है लेकिन लिंग के प्रवेश के दौरान मुश्किलें बढ़ जाती हैं।

वैजिनिज्म्स का क्या कारण है?

वैजिनिज्म्स आमतौर पर दो कारणों से होता है:

  1. मनोवैज्ञानिक कारक - जैसे कि संभोग का डर, यौन हिंसा या दुर्व्यवहार की घटना, भावनात्मक कमजोरी / या यौन साथी के साथ तालमेल न बैठना, सेक्स के खिलाफ धार्मिक मान्यताएं, चिंता, आदि।
     
  2. शारीरिक कारक - जैसे कि सूजन, वेजाइनल एट्रॉफी यानी योनि की त्वचा का पतला होना और सूखना आदि। जो शरीर के एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर में गिरावट होने से होता है (आमतौर पर बच्चे के जन्म या रजोनिवृत्ति के बाद यह होता है )

वैजिनिज्म्स की जांच कैसे करें?

आपको वैजिनिज्म्स है या नहीं, यह जानने का एकमात्र तरीका है स्त्रीरोग विशेषज्ञ से जांच कराना। याद रखें  इस आर्टिकल या इंटरनेट पर अन्य चीजों को पढ़कर अपने आप निदान या उपचार करना सुरक्षित एवं बेहतर विकल्प नहीं है।

हालांकि, भारत में यौन रोग से जुड़ी समस्याओं को लेकर बहुत ही कम महिलाएं स्त्रीरोग विशेषज्ञ के पास जाती हैं। आमतौर पर इसके दो कारण होते हैं-: महिलाओं की सामाजिक परिस्थिति और उस महिला में मन में यह डर कि लोग क्या सोचेंगेI

महिलाओं को हमेशा सिखाया जाता है कि दर्द सेक्स का हिस्सा है और इसे सहन करना चाहिए (क्या आपने पीड़ादायक संभोग के लिए कोई शब्द सुना है? इसे डिस्पेरुनिया कहते हैं), इसके अलावा माहवारी के स्वच्छता उत्पादों का सीमित उपयोग करना चाहिए, इसमें टैम्पोन और मेंस्ट्रुअल कप भी शामिल है। इसके साथ ही सेक्स के ख़िलाफ़ सांस्कृतिक मान्यताओं में भी बांधा जाता है।

स्त्रीरोग विशेषज्ञों का निर्णयात्मक दृष्टिकोण, विशेष रूप से उन युवा लड़कियों को लेकर जो कि विवाहित नहीं हैं और यौन रूप से सक्रिय हैं, उनके पास ना जाने का एक दूसरा कारण है। इन कारणों से वैजिनिज्म्स का इलाज़ नहीं हो पाता है

उपचार और आगे का रास्ता

अच्छी बात यह है कि इलाज़ के जरिए वैजिनिज्म्स को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। हालांकि इलाज़ एवं ठीक होने में कुछ हफ्तों से लेकर कुछ वर्षों का समय लग सकता है और यह प्रत्येक महिला के लिए अलग हो सकता है। शुरूआत से ही दर्द को बर्दाश्त करने की आदत ना डालें बल्कि अगर किसी को भी चाहे वह आपका पार्टनर, सहेली, बहन या बच्चा ही क्यों ना हो, दर्द का अनुभव हो तो उसे मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाना चाहिए।

यदि पीड़ित महिला डॉक्टर के पास जाना चाहती है तो आपको उसे लेकर स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास भी जाना चाहिए। स्त्री रोग विशेषज्ञों को भी जल्दबाजी किए बिना और पूरे इत्मीनान से पीड़ित महिला का परीक्षण करना चाहिए और उससे बातचीत करनी चाहिए।

वैजिनिज्म्स की जांच के बाद उसके कारणों के आधार पर स्त्री रोग विशेषज्ञ मरीज का मनोवैज्ञानिक, शारीरिक या संयुक्त रुप से दोनों के माध्यम से इलाज़ करती हैं।

मनोवैज्ञानिक कारणों के लिए सेक्स थेरेपी और काउंसलिंग का सुझाव दिया जाता है।

शारीरिक कारणों से यह समस्या होने पर डॉक्टर व्यक्ति को बुनियादी संरचना के बारे में बताता है और योनि में अपनी उंगली को धीरे धीरे प्रवेश कराने की सलाह देता है। इसके अलावा कीगल व्यायाम करने एवं मांसपेशियों को आराम देने के लिए डाइलेटर्स का इस्तेमाल करने का भी सुझाव दिया जाता है।

याद रखें योनि के आसपास के क्षेत्र सुन्न करने वाली क्रीम या मरहम लगाने के बाद ही डाइलेटर का प्रयोग करना चाहिए ताकि योनि के आसपास की संकुचित मांसपेशियां फिर से ढ़ीली हो सकें और सेक्स के दौरान कोई दिक्कत न हो. 

इस समस्या से प्रभाविक व्यक्ति को भी दो तरह के उपचार सुझाए जाते हैं- पहला काउंसलिंग और सेक्स थेरेपी (जिसमें उनके पार्टनर भी शामिल हो सकते हैं), और दूसरा शारीरिक उपचार के तरीके।

आपको फिर से याद दिलाया जा रहा है वैजिनिज्म्स को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।

गोपनीयता बनाए रखने के लिए तस्वीर में मॉडल का इस्तेमाल किया गया है।

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