Dowry
© Love Matters India

मैं अपने मम्मी पापा को अपनी शादी में दहेज़ ना लेने के लिए कैसे मनाऊं?

द्वारा Auntyji जुलाई 28, 09:48 पूर्वान्ह
मेरी शादी होने वाली है लेकिन मैं लड़की के घरवालों से दहेज़ नहीं लेना चाहता हूं। मैं उसके और अपने मम्मी पापा को कैसे समझाऊं? मेरी मदद करें। संदर्भ, 22 वर्ष बक्सर

आंटी जी कहती हैं- अरे वाह बेटा, संदर्भ । यही तो आज के मर्द की पहचान है लेकिन कल को लोग जब तेरी पीठ पीछे बातें करेंगे तो इनसे तू कैसे निपटेगा? 

विचारधारा के विपरीत

बधाई हो संदर्भ। सिर्फ़ तुम्हारी शादी के लिए ही नहीं बल्कि असल में ऐसा कदम उठाने की बहादुरी और हिम्मत के लिए भी। राजा राम मोहन राय के समय से ही हम समाज में जिस बड़े बदलाव को देखना चाहते हैं, उसके लिए तुम्हारे जैसे और लड़कों की ज़रूरत है बेटा।

लेकिन यह सब होगा कैसे? मैं समझ सकती हूं कि तू इस बात को लेकर चिंतित होगा कि आख़िर यह कैसे मुमकिन है? वो भी एक एक ऐसे देश में जहां परिवार में  लड़के का मूल्य इससे निर्धारित होता है कि उसे शादी में दहेज़ कितना मिलता है। सदियों से चली आ रहे इस परंपरा को तोड़ना तेरे लिए बहुत ज्यादा कठिन और मुश्किल भरा काम हो सकता है। इसलिए चलो पहले इसकी योजना बनाते हैं और फिर सोचते हैं कि कैसे शुरूआत करनी है। 

घर से शुरूआत करो

सबसे पहले, अपने घर के किसी सदस्य को अपने पक्ष में करो। मुझे उम्मीद है कि कोई न कोई व्यक्ति ऐसा होगा ही जो तुम्हारी मदद करने के लिए तैयार होगा। अच्छा ये बता कि इन सबसे आखिर ज़्यादा फ़ायदा किसको होने वाला है? ज़ाहिर सी बात है कि तेरे माता-पिता, परिवार और दूर के रिश्तेदारों को। उन सभी चाचा चाची, तायी ताया जी, बुआ फूफा जैसे लोगों को। ले दे कर एक तू ही बचता जो इस सबके खिलाफ़ हैI

तेरे घरवाले तेरे ऊपर चिल्ला सकते हैं और लड़की के परिवार पर भी अपना गुस्सा निकाल सकते हैं। ऐसा कुछ हो इससे पहले जितनी जल्दी हो सके अपने परिवार के साथ एक लंबी मीटिंग करो और अपनी योजना बताकर उन्हें मनाने की कोशिश करो।

सबसे पहले अपने  माता-पिता से बात करो। उन्हें साफ़ साफ़ समझा कि तू क्या चाहता है। इसके साथ ही शांतिपूर्वक उनके घिसे पिटे तर्कों को भी सुन लेना कि लोग क्या कहेंगे, हम लोगों को क्या मुंह दिखाएंगे, वगैरह वगैरह। उनको सुनने के बाद सही समय पर अपने विचार और योजनाओं को उनके सामने रख देनाI

लड़की पक्ष आपके ऊपर निर्भर है

इसके बाद अपने परिवार के साथ लड़की वालों से बात करनाI उन्हें समझाना कि आप लोग ना तो दहेज़  लेना चाहते हो और ना ही दहेज़ देना चाहते हो। उन्हें यकीन दिलाना कि इससे उनकी लड़की को भविष्य में कोई दिक्कत नहीं होगी और ना ही डरने की ज़रूरत है। तुम उन्हें ज़ुबान दे रहे हो। उन्हें समझाना कि तुम्हारा इरादा उनका अपमान करना नहीं बल्कि दहेज़ जैसी इस भयानक प्रथा को रोकना है और उन्हें भी बिना किसी डर, किसी अपराध बोध के तुम्हारी मदद करनी चाहिए।

संदर्भ बेटा, उसी समय तू यह भी स्पष्ट कर देना कि ऐसा करके तू धर्मात्मा नहीं बनना चाहता और ना ही तू किसी पर कोई एहसान कर रहा है।

जैसा कि मैं हमेशा कहती हूं कि सिर्फ़ एक ‘लड़का’ होने के नाते किसी के घरवालों से पैसे माँगना कोई मर्दानगी नहीं है। फिर आप ऐसे फल की उम्मीद कैसे कर सकते हैं जो आप या आपके परिवार या खानदान ने बोया ही नहीं। चलो इस बार एक और कर देने का नियम शुरु करते हैं - पुरुष कर। सभी पुरुषों को छूट!

संदर्भ बेटा जरा पहला कदम तो बढ़ा, मुझे उम्मीद है कि बहुत से लोग इसमें तेरा साथ देंगे। लेकिन दहेज़  देने और लेने वालों से सावधान रहना क्योंकि ये बहुत चालाक होते हैं। इसलिए लेन देने रोकने के लिए अपने दोस्तों के साथ मिलकर सही तरीके से पूरी तैयारी कर लेना।

*गोपनीयता बनाये रखने के लिए नाम बदल दिए गये हैं और तस्वीर में मॉडल का इस्तेमाल किया गया है।

क्या आप दहेज़ से जुड़ा कोई सवाल पूछना चाहते हैं? नीचे टिप्पणी करें या हमारे फेसबुक पेज पर लव मैटर्स (एलएम) के साथ उसे साझा करें। यदि आपके पास कोई विशिष्ट प्रश्न है, तो कृपया हमारे चर्चा मंच पर एलएम विशेषज्ञों से पूछें।




 

क्या आप इस जानकारी को उपयोगी पाते हैं?

Comments
नई टिप्पणी जोड़ें

Comment

  • अनुमति रखने वाले HTML टैगस: <a href hreflang>