Abortion in South Korea
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गर्भपात कराना मेरी अपनी मर्ज़ी थी ...फ़िर भी '

द्वारा Sarah सितम्बर 24, 11:36 पूर्वान्ह
वही हुआ जो मैं चाहती थी। यह मेरी ही मर्ज़ी थी। फिर भी मुझे अपराधबोध होता है। लव मैटर्स इंडिया आपको दक्षिण कोरिया की दो ऐसी महिलाओं की कहानी बताने जा रहा है जिन्होंने अपनी मर्ज़ी से गर्भपात कराने के बाद अपराधबोध महसूस किया और इसे दुनियाभर की महिलाओं के साथ साझा किया।

अपराध बोध का भाव

उस दिन सिम ओग-यंग काफी बेचैन थीं। वह पिछले एक घंटे से क्लिनिक ढूंढ रही थीं लेकिन नाकाम रहीं। सड़कें सुनसान थी। उन्होंने जिन लोगों से पूछा उनमें से कोई भी उस ज़गह के बारे में नहीं जानता था। जब वो क्लिनिक के बारे में पूछ रही थीं तो कुछ लोग उन्हें शक की नज़र से देख रहे थे। क्या लोगों को पता था कि वो क्या करने वाली हैं? अचानक अपराधबोध से उनका दिल बैठने लगा। आख़िरकार वो जो कुछ करने वाली थीं वो उनके देश में अवैध था।

कुछ दिन पहले ही सिम को पता चला था कि वह गर्भवती हैं। वह सिर्फ़  22 साल की थीं और बच्चा पैदा करने के लिए तैयार नहीं थीं। मां बनने की ख़बर जानकर वह हैरान रह गईं। दक्षिण कोरिया में गर्भपात कराना गैरकानूनी है, लेकिन वह उन जगहों के बारे में जानती थी, जहां गुप्त रूप से गर्भपात किया जाता था। कल ही उन्हें सियोल के बाहरी इलाके में रहने वाले एक दोस्त से इस क्लिनिक का पता मिला था। उन्होंने मन ही मन सोचा कि  ‘अब सिर्फ़ मैं ही उस जगह को ढूंढ सकती हूं', ।

लगभग दो घंटे तक उस क्लिनिक को खोजने और ढेर सारा अपराधबोध महसूस करने के बाद वह एक ठंडे,अंधेरे और गंदे से कमरे में लेट गईं और गर्भपात करने के लिए किसी का इंतज़ार करने लगीं।

ऐसा लगा कि वो बरसो से वहां लेती हुई हैंI समय जैसे थम सा गया थाI जिस व्यक्ति ने गर्भपात किया था, वह कमरे में आया और उन्हें फीस देकर क्लिनिक से बाहर जाने के लिए कहा। उन्हें शारीरिक कमजोरी महसूस हो रही थी और साथ में अपराधबोध भी। अपराधबोध अज़ीब तरह का, उन्होंने एलए टाइम्स को हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में कहा।

असामान्य नहीं है

दो बच्चों की मां 40 वर्षीय किम खुंग-ही कहती हैं कि दक्षिण कोरिया में अवैध तरीके से गर्भपात कराने वाली महिलाओं को अपराधबोध महसूस होना कोई असामान्य बात नहीं है।

जब उन्हें पता चला कि वह तीसरे बच्चे की मां बनने वाली हैं तो वह बहुत तनाव में आ गयीं।

घर की कमजोर आर्थिक स्थिति को देखते हुए वो तीसरे बच्चे के बारे में सोच भी नहीं सकती थीं। वह जानती थीं कि अब गर्भपात ही एक रास्ता है। उन्होंने भी एक अस्थायी क्लिनिक में जाकर गुप्त तरीके से गर्भपात कराने का फ़ैसला किया। यहां तक कि उन्होंने यह भी नहीं सोचा कि गर्भपात करने वाला व्यक्ति पेशेवर या सही तरीके से प्रशिक्षित है भी या नहीं।

लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं था। अंत में उन्होंने अपनी जान को ज़ोखिम में डाल दिया क्योंकि अच्छे प्रतिष्ठित अस्पताल में कोई भी डॉक्टर गर्भपात करने का जोखिम नहीं उठाता। इस ज़ुर्म में दोनों को जेल हो सकती थी।

... सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यह एक अपराध था जिसका फ़ैसला करना भावनात्मक रुप से बहुत कठिन था।

दक्षिण कोरिया में गर्भपात कराने पर रोक है। यहां सिर्फ़ बलात्कार के मामले या फिर महिला के जीवन को गंभीर खतरा होने पर ही गर्भपात कराने की अनुमति है। लेकिन इससे महिलाओं में गर्भपात कराने पर रोक नहीं लग पायी है।

इसका मतलब सिर्फ़ इतना है कि अपराधबोध की भावना से ग्रस्त होकर, अपनी जान को जोखिम में डालकर और अप्रशिक्षित लोगों से सिम और किम जैसी महिलाएं गुप्त रुप से गर्भपात कराने के लिए मजबूर हैं। 

South Korean woman abortion
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यह अब भी होता है

सरकार के अनुसार, दक्षिण कोरिया की पांच में से एक महिला का गर्भपात हुआ है। इस देश में गर्भपात पर प्रतिबंध के बावजूद ऐसा हो रहा है। आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ़  2018 में ही लगभग 50,000 गर्भपात हुए।

भले ही यह एक छोटी सी भूल क्यों ना हो लेकिन गर्भपात कराने वाली महिला को एक साल की सजा और भारी ज़ुर्माना हो सकता है। गर्भपात करने वाले डॉक्टरों को दो साल की जेल हो सकती है।

अब कोई शर्म नहीं

दक्षिण कोरिया की महिलाओं पर सालों से पड़ रहे भावनात्मक बोझ और जोखिम अब कम हो सकते हैं। दक्षिण कोरिया में गर्भपात के नियम में छूट देने के लिए साल 2016 से आंदोलन किया जा रहा है।

कार्यकर्ताओं ने इस कानून का विरोध करते हुए तर्क दिया कि जब गर्भधारण करने में अकेले महिला की ही भागीदारी नहीं होती है तो महिला को दंडित क्यों किया जाना चाहिए? उन्हें आयरलैंड जैसे दुनिया के अन्य हिस्सों में होने वाले परिवर्तनों में भी ताकत मिली, जहां सविता हलप्पनवर की मृत्यु के बाद गर्भपात को वैध कर दिया गया था।

अप्रैल 2019 में, दक्षिण कोरियाई अदालत ने आदेश दिया कि गर्भपात कानून को 2020 के अंत तक संशोधित किया जाना चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि गर्भपात पर प्रतिबंध एक गर्भवती महिला के आत्मनिर्णय के अधिकार का उल्लंघन करता है। ’

बीबीसी के अनुसार अदालत के इस फ़ैसले के बाद, कई महिलाओं के आंसू छलक गए और उन्होंने एक-दूसरे को गले लगा लिया। कई महिलाओं ने यह भी कहा कि वे अब चैन की 'साँस' ले सकती हैं और यह भी कहा कि उनकी मर्ज़ी अंततः वैध लगी। उन्हें उम्मीद जतायी कि जल्द ही शर्म और कलंक का अंत हो जाएगा 

नाम बदल दिए गए हैं और तस्वीर में मौजूद व्यक्ति एक मॉडल है।

लव मैटर्स महिलाओं को अपने शरीर के बारे में निर्णय लेने एवं अधिकारों को चुनने का समर्थन करता है। गर्भपात और गर्भनिरोध विकल्पों के बारे में अधिक जानकारी लव मैटर्स पर पढ़ें। कहानी की प्रस्तावना में थोड़े से बदलाव किये हैं लेकिन कहानी की मुख्य बातें पूरी तरह सच और तथ्यों पर आधारित हैं।

क्या आप गर्भपात से जुड़ा कोई सवाल पूछना चाहते हैं ? कृपया हमारे चर्चा मंच पर लव मैटर्स (एलएम) विशेषज्ञों से पूछें। हमारे फेसबुक पेज को देखना ना भूलें।

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