cervical cancer vaccine
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सर्वाइकल कैंसर के बारे में जानकारी ही बचाव है

द्वारा Arpit Chhikara अक्टूबर 18, 09:37 बजे
महिलाओं में कैंसर के कारण होने वाली मौतों में सर्वाइकल कैंसर चौथा सबसे मुख्य कारण है। लेकिन राहत की बात यह है कि टीकाकरण के जरिए सर्वाइकल कैंसर से आसानी से बचा जा सकता है। यदि आपकी उम्र 26 वर्ष से कम है तो आप अपना टीकाकरण करवाकर सर्वाइकल कैंसर से बच सकती हैं।

सर्वाइकल कैंसर क्या है?

सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) महिलाओं के गर्भाशय का निचला हिस्सा होता है जो योनि से जुड़ा होता है, सर्वाइकल कैंसर एक ऐसा कैंसर है जो गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में होता है। यह एक प्रकार के ह्यूमन पैपिलोमा वायरस(एचपीवी) के कारण होता है जो आमतौर पर गोनोरिया, सिफलिस, क्लैमिडिया और एचआईवी एड्स जैसी यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) के कारण फैलता है।

कैसे पता चलेगा कि खतरे का समय निकट है?

महिलाओं में कई कारणों से सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा होता है। जो महिलाएं एक दशक से भी अधिक समय से गर्भ निरोधक गोलियों का सेवन कर रही हों उनमें सर्वाइकल कैंसर होने का खतरा ज़्यादा होता है। इसके अलावा बार-बार पूर्णकालिक गर्भावस्था के कारण भी यह कैंसर होने की संंभावना होती है। जो महिलाएं अलग-अलग पुरुषों के साथ सेक्स करती हैं या किसी ऐसे पार्टनर के साथ सेक्स करती हैं जो कई महिलाओं से यौन संबंध रखता हो उनमें भी संक्रमण और एचपीवी का खतरा ज़्यादा रहता है। जो महिलाएं कम उम्र से यौन रूप में सक्रिय हो जाती हैं या गर्भधारण करती हैं उन्हें भी सर्वाइकल कैंसर हो सकता है। यदि किसी महिला की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो उसे एचपीवी संक्रमण हो सकता है। शोध के अनुसार लंबे समय तक धूम्रपान करने के कारण भी सर्वाइकल कैंसर हो सकता है क्योंकि धूम्रपान करने से एचपीवी विकसित होता है।

सर्वाइकल कैंसर के लक्षण क्या हैं?

अन्य कैंसर की तरह सर्वाइकल कैंसर के भी लक्षण शुरूआती चरण में दिखायी नहीं देते हैं। लेकिन एडवांस स्टेज में यौन संबंध बनाने के दौरान और बाद में महिला को अपनी योनि में दर्द और ब्लीडिंग का अनुभव होता है। कुछ महिलाओं की योनि से तेज गंध के साथ तरल पदार्थ भी स्रावित होता है और मासिक धर्म के दौरान असामान्य ब्लीडिंग होती है। यह सर्वाइकल कैंसर के एडवांस स्टेज के लक्षण हैं। इसके अलावा सेक्स के दौरान पेल्विक हिस्से में दर्द, भूख की कमी, वजन घटना,कमर में दर्द और पैरों में सूजन जैसे लक्षण दिखायी दे सकते हैं।

सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए बेहतर है कि आप टीकाकरण करवाएं। सर्वाइकल कैंसर का टीका आमतौर पर 9 से 26 वर्ष की लड़कियों को लगाया जाता है, इस उम्र में यदि वे यौन रूप से सक्रिय नहीं होती हैं तो टीका काफी अच्छी तरह काम करता है। इसके अलावा सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए यौन संबंध बनाते समय कंडोम का इस्तेमाल करना चाहिए और किसी अजनबी पुरुष के साथ यौन संबंध नहीं बनाना चाहिए। इससे आप यौन संचारित संक्रमण और सर्वाइकल कैंसर से बच सकती हैं। धूम्रपान से परहेज करके भी सर्वाइकल कैंसर से खुद को सुरक्षित किया जा सकता है।

गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) के स्वास्थ्य के बारे में कैसे जानें?

आप किसी डॉक्टर के पास जाकर पैप स्मीयर टेस्ट करवा कर अपने गर्भाशय के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकती हैं। इस टेस्ट के माध्यम से सर्विक्स में कैंसर का पता लगाया जाता है। यदि टेस्ट निगेटिव है तो सब ठीक है लेकिन यदि टेस्ट पॉजीटिव है तो आपको रेडियल पेल्विक सर्जरी या कीमोथेरेपी करानी पड़ेगी। इस संबंध में अधिक जानकारी आप डॉक्टर से प्राप्त कर सकती हैं। 21 साल से अधिक उम्र की महिलाएं या फिर ऐसी महिलायें जो यौन रूप से सक्रिय हों उन्हें हर दो साल में एक बार पैप स्मीयर टेस्ट ज़रुर कराना चाहिए।

महिलाओं में कैंसर के कारण होने वाली मौतों में सर्वाइकल कैंसर चौथा प्रमुख कारण है। सर्वाइकल कैंसर के 80 प्रतिशत मामलों में सही जीवनशैली और बेहतर सेक्स लाइफ अपनाकर बचा जा सकता है। इसके अलावा अपने प्रजनन स्वास्थ्य की देखभाल के ज़रिये भी इससे बचा जा सकता है।

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