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टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम

टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम, जीवाणु (बैक्टीरिया) से होने वाली एक बीमारी है। यह घातक है पर यह बहुत कम होती है।

टैम्पॉन को शरीर में ज़्यादा देर तक छोड़ने से टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम हो सकता है।

टैम्पॉन को 3 से 4 घण्टे बाद लगातार बदलते रहना चाहिए। हो सके तो सबसे कम सोखने वाले टैम्पॉन का ही प्रयोग करना चाहिए - अतः यदि हल्का रक्तस्राव हो तो ’सुपर‘ टैम्पॉन का इस्तेमाल करना ज़रुरी नहीं है।

टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम के संभावित लक्षण

  • अचानक तेज़ बुखार आना
  • सिरदर्द होना
  • दस्त होना
  • मांसपेशियों में दर्द होना
  • बेहोशी आना या थकान महसूस करना
  • सामान्य से कम मूत्र त्याग करना
  • 24 घण्टे के अंदर धूप से जलने जैसे लाल चकत्ते उभरना
  • आखें लाल हो जाना

यदि कभी भूल कर टैम्पॉन शरीर में छूट जाए और ऊपर दिए गए लक्षणों में से कोई भी 3 लक्षण दिखें तो तुरन्त किसी चिकित्सक से संपर्क करें।

टैम्पॉन का इस्तेमाल बंद करके पैड का उपयोग करें।

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