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कोई मेरे समलैंगिक दोस्त से बात क्यों नहीं करता?

द्वारा Auntyji मई 17, 06:06 बजे
आंटी जी मेरे कॉलेज के एक दोस्त ने हाल ही में सबको यह बताया है की वो समलैंगिक हैI हैरानी की बात यह है कि उस दिन के बाद से सब उससे नज़रें चुरा रहे हैंI मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि ऐसा क्या बदल गया है उसके सच बताने से? अजय (25), मुंबईI

आंटी जी मेरे कॉलेज के एक दोस्त ने हाल ही में सबको यह बताया है की वो समलैंगिक हैI हैरानी की बात यह है कि उस दिन के बाद से सब उससे नज़रें चुरा रहे हैंI मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि ऐसा क्या बदल गया है उसके सच बताने से? अजय (25), मुंबईI

आंटी जी कहती हैं...सही कहा तूने पुत्तर कि कुछ नहीं बदलना चाहिएI लेकिन समस्या यह है कि लोग बदल जाते हैंI

बताओ तो भी दिक्कत, छुपाओ तो भी परेशानी

अब बताओ कि यह भी कोई बात हुईI अगर समलैंगिक, अलैंगिक, उभयलिंगी और विपरीतलिंगी लोग सबके सामने अपनी लैंगिक पहचान रखते हैं तो लोग उनसे दूर भागते हैं और नहीं बताते तो भी लोग उनके बारे में बातें बनाते हैंI यह लोग आखिर चाहते क्या हैं?

ना जाने लोग उस सिद्धांत को क्यों भूल जाते हैं कि "जियो और जीने दो"! सीधे सीधे शब्दों में कहूं तो अजय तू भी इस कलंक और भेदभाव को बढ़ावा ही दे रहा हैI पता है कैसे? इस बारे में कुछ भी नहीं करकेI

बेटा किनारे पर चुपचाप खड़े रहने से तो किसी का भी भला नहीं होगाI तुझे अपने दोस्त के लिए बुरा तो लग रहा है लेकिन तू उसके लिए कुछ कर भी तो नहीं रहाI

तुम दोनों तो आखिर दोस्त थे ना? तू तूने क्यों तुम दोनों के बीच चीज़ों को बदलने दिया? ज़रा सोचो पुत्तर.. कहीं ऐसा तो नहीं कि तू भी थोड़ा बदल गया है? बेटा यह तो गलत है ना?

भेदभाव ना कर

तेरी कोशिश यही होनी चाहिए कि तुम दोनों वैसे ही समय बिताओ जैसे पहले गुज़ारते थेI उस के सच बताने से तुम दोनों के रिश्ते में किसी भी प्रकार का कोई भी बदलाव नहीं आना चाहिएI मैं समझ सकती हूँ कि यह इतना आसान नहीं होगा क्यूंकि कई बार हमें समझ नहीं आता कि क्या कहें और क्या करेंI

लेकिन इसमें घबराने की कोई बात नहीं है क्यूंकि तू इसके लिए तैयारी कर सकता हैI एल जी बी टी समुदाय से जुड़े मुद्दों के बारे में इंटरनेट पर इतनी जानकारी उपलब्ध है कि तू उसके द्वारा अपने दोस्त को और अच्छे से समझ सकता है और इस मुश्किल घड़ी में उसका सबसे बड़ा सहायक बन सकता हैI

बेटा एक बात हमेशा याद रखनाI विविध लैंगिक पहचान और लैंगिक अभिमुखता वाले लोग भी आखिर इंसान ही हैंI उनके साथ भी इंसानो की तरह ही व्यवहार करना चाहिए- वैसा ही है जैसा हम चाहते हैं दूसरे हमारे साथ करेंI

उसकी पहचान केवल उसके यौनिक अभिविन्यास तक ही सीमित नहीं हैI हो सकता है कि वो एक बेहतरीन गायक हो, एक शानदार फुटबॉल खिलाड़ी हो, बहुत अच्छा लिखता हो, एक अच्छा सहकर्मी हो- तो अपने दोस्तों को उसके इन गुणों के बारे में याद दिलाओI

अब अगर वो समलैंगिक है और अपनी पहचान दूसरो के सामने स्वीकारना चाहता है तो इससे बाकी चीज़ें कैसे बदल सकती हैं? ज़रा सोचो कि उसे कैसे लगता होगा- यह देखकर कि उसका दोस्त भी दूसरो की तरह ही उससे पेश आ रहा है -बेटा अपने दोस्तों से तो हम बेहतर उम्मीद करते हैं, है ना?

उसका साथी बनो

बेटा मैं यह नहीं कह रही कि यह सब आसानी से हो जाएगा क्यूंकि हम एक ऐसे समाज का हिस्सा हैं जहां तेरे उसके साथ अधिक समय बिताने से ऐसी अफवाहे भी उड़ सकती है "कहीं यह भी वही तो नहीं?"

अब यह इस तरह की बातें हैं जिनसे आपको अपने आपको प्रभावित होने से ना सिर्फ़ बचाना है बल्कि इनको कचरे के डब्बे में भी डालना हैI अजय मेरी सलाह यही होगी कि इन तथाकथित प्रगतिशील लोगों को शिक्षित बनाने के लिए तू कमर कस लेI

नज़रिये में बदलाव

अजय तुझे अपने दोस्त से सीखना चाहिएI इन बेसरपैर की बातों पर ध्यान मत देनाI समाज की मान्यतों के ख़िलाफ़ जाने के लिए बहुत सारी हिम्मत की ज़रुरत है जो तेरे दोस्त ने दिखाई हैI

अब तुझे भी अपने दोस्त की नौका की पतवार बनना हैI उसे यह एहसास दिला कि तुम दोनों के बीच कुछ भी नहीं बदला जिससे बाकी लोगों को भी एहसास हो जाएगा कि आपके दोस्त समलैंगिक भी हो सकते हैंI

आने वाले दिन अपने इस नए और पुराने दोस्त के साथ खूब मौज मस्ती के साथ गुज़ारने हैं पुत्तरI मुझे विश्वास है कि वो भी तेरा साथ मिस कर रहा होगाI

यह लेख IDAHOT 2017 (होमोफोबिआ, बायोफोबिया और ट्रांस्फोबिया के ख़िलाफ़ अंतराष्ट्रीय दिवस)  जो 17 मई को मनाया जा रहा हैI

लेखक की गोपनीयता बनाये रखने के लिए तस्वीर में एक मॉडल का इस्तेमाल किया गया हैI

क्या आपने भी अपने आसपास होमोफोबिया का अनुभव किया है? अपने विचार नीचे टिप्पणी करके या फेसबुक के ज़रिये हम तक पहुंचाएं I  अगर आपके मन में कोई भी सवाल हो तो हमारे चर्चा मंच का हिस्सा बनेंI  

आंटी जी मेरे कॉलेज के एक दोस्त ने हाल ही में सबको यह बताया है की वो समलैंगिक हैI हैरानी की बात यह है कि उस दिन के बाद से सब उससे नज़रें चुरा रहे हैंI मुझे यह समझ नहीं आ रहा कि ऐसा क्या बदल गया है उसके सच बताने से? अजय (25), मुंबईI

आंटी जी कहती हैं...सही कहा तूने पुत्तर कि कुछ नहीं बदलना चाहिएI लेकिन समस्या यह है कि लोग बदल जाते हैंI

बताओ तो भी दिक्कत, छुपाओ तो भी परेशानी

अब बताओ कि यह भी कोई बात हुईI अगर समलैंगिक, अलैंगिक, उभयलिंगी और विपरीतलिंगी लोग सबके सामने अपनी लैंगिक पहचान रखते हैं तो लोग उनसे दूर भागते हैं और नहीं बताते तो भी लोग उनके बारे में बातें बनाते हैंI यह लोग आखिर चाहते क्या हैं?

ना जाने लोग उस सिद्धांत को क्यों भूल जाते हैं कि "जियो और जीने दो"! सीधे सीधे शब्दों में कहूं तो अजय तू भी इस कलंक और भेदभाव को बढ़ावा ही दे रहा हैI पता है कैसे? इस बारे में कुछ भी नहीं करकेI

बेटा किनारे पर चुपचाप खड़े रहने से तो किसी का भी भला नहीं होगाI तुझे अपने दोस्त के लिए बुरा तो लग रहा है लेकिन तू उसके लिए कुछ कर भी तो नहीं रहाI

तुम दोनों तो आखिर दोस्त थे ना? तू तूने क्यों तुम दोनों के बीच चीज़ों को बदलने दिया? ज़रा सोचो पुत्तर.. कहीं ऐसा तो नहीं कि तू भी थोड़ा बदल गया है? बेटा यह तो गलत है ना?

भेदभाव ना कर

तेरी कोशिश यही होनी चाहिए कि तुम दोनों वैसे ही समय बिताओ जैसे पहले गुज़ारते थेI उस के सच बताने से तुम दोनों के रिश्ते में किसी भी प्रकार का कोई भी बदलाव नहीं आना चाहिएI मैं समझ सकती हूँ कि यह इतना आसान नहीं होगा क्यूंकि कई बार हमें समझ नहीं आता कि क्या कहें और क्या करेंI

लेकिन इसमें घबराने की कोई बात नहीं है क्यूंकि तू इसके लिए तैयारी कर सकता हैI एल जी बी टी समुदाय से जुड़े मुद्दों के बारे में इंटरनेट पर इतनी जानकारी उपलब्ध है कि तू उसके द्वारा अपने दोस्त को और अच्छे से समझ सकता है और इस मुश्किल घड़ी में उसका सबसे बड़ा सहायक बन सकता हैI

बेटा एक बात हमेशा याद रखनाI विविध लैंगिक पहचान और लैंगिक अभिमुखता वाले लोग भी आखिर इंसान ही हैंI उनके साथ भी इंसानो की तरह ही व्यवहार करना चाहिए- वैसा ही है जैसा हम चाहते हैं दूसरे हमारे साथ करेंI

उसकी पहचान केवल उसके यौनिक अभिविन्यास तक ही सीमित नहीं हैI हो सकता है कि वो एक बेहतरीन गायक हो, एक शानदार फुटबॉल खिलाड़ी हो, बहुत अच्छा लिखता हो, एक अच्छा सहकर्मी हो- तो अपने दोस्तों को उसके इन गुणों के बारे में याद दिलाओI

अब अगर वो समलैंगिक है और अपनी पहचान दूसरो के सामने स्वीकारना चाहता है तो इससे बाकी चीज़ें कैसे बदल सकती हैं? ज़रा सोचो कि उसे कैसे लगता होगा- यह देखकर कि उसका दोस्त भी दूसरो की तरह ही उससे पेश आ रहा है -बेटा अपने दोस्तों से तो हम बेहतर उम्मीद करते हैं, है ना?

उसका साथी बनो

बेटा मैं यह नहीं कह रही कि यह सब आसानी से हो जाएगा क्यूंकि हम एक ऐसे समाज का हिस्सा हैं जहां तेरे उसके साथ अधिक समय बिताने से ऐसी अफवाहे भी उड़ सकती है "कहीं यह भी वही तो नहीं?"

अब यह इस तरह की बातें हैं जिनसे आपको अपने आपको प्रभावित होने से ना सिर्फ़ बचाना है बल्कि इनको कचरे के डब्बे में भी डालना हैI अजय मेरी सलाह यही होगी कि इन तथाकथित प्रगतिशील लोगों को शिक्षित बनाने के लिए तू कमर कस लेI

नज़रिये में बदलाव

अजय तुझे अपने दोस्त से सीखना चाहिएI इन बेसरपैर की बातों पर ध्यान मत देनाI समाज की मान्यतों के ख़िलाफ़ जाने के लिए बहुत सारी हिम्मत की ज़रुरत है जो तेरे दोस्त ने दिखाई हैI

अब तुझे भी अपने दोस्त की नौका की पतवार बनना हैI उसे यह एहसास दिला कि तुम दोनों के बीच कुछ भी नहीं बदला जिससे बाकी लोगों को भी एहसास हो जाएगा कि आपके दोस्त समलैंगिक भी हो सकते हैंI

आने वाले दिन अपने इस नए और पुराने दोस्त के साथ खूब मौज मस्ती के साथ गुज़ारने हैं पुत्तरI मुझे विश्वास है कि वो भी तेरा साथ मिस कर रहा होगाI

यह लेख IDAHOT 2017 (होमोफोबिआ, बायोफोबिया और ट्रांस्फोबिया के ख़िलाफ़ अंतराष्ट्रीय दिवस)  जो 17 मई को मनाया जा रहा हैI

लेखक की गोपनीयता बनाये रखने के लिए तस्वीर में एक मॉडल का इस्तेमाल किया गया हैI

क्या आपने भी अपने आसपास होमोफोबिया का अनुभव किया है? अपने विचार नीचे टिप्पणी करके या फेसबुक के ज़रिये हम तक पहुंचाएं I  अगर आपके मन में कोई भी सवाल हो तो हमारे चर्चा मंच का हिस्सा बनेंI  

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