Homophobia
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होमोफोबिया/विकल्प

अगर आप समलैंगिक हैं या दोनो लिंगों की तरफ आकर्षित होते हैं, तो अपने यौन संबंधो के रूझान को लेकर शायद आपने अपने खिलाफ किसी तरह का पक्षपात अनुभव किया होगा: इसे होमोफोबिया कहते हैं।

होमोफोबिया कुछ समाजों में मान्य है। यह भारत जैसे देशों में भी मौजूद है, जहां समलैंगिकों के लिए दुर्व्यवहार और भेदभाव के खिलाफ कोई कानूनी सुरक्षा नहीं है।

 

ऐसे दुर्व्यवहार और उत्पीड़न के लगातार डर के साथ जीना बहुत मुश्किल है। अपने चरम पर, यह गंभीर शारीरिक हिंसा का रूप भी ले सकता है। लेकिन हर दिन धमकी और अलगाव सहना भी उतना ही मुश्किल हो सकता है। तो होमोफोबिया आखिर क्या है, और आप इसका सामना करना कैसे सीख सकते हैं?

 

होमोफोबिया क्या है?

 

समलैंगिकों, और उभयलिंगी लोगों यानी जिनका दोनों लिंगों की तरफ यौन के लिए रूझान होता है, वैसे लोगों के प्रति एक नकारात्मक दृष्टिकोण को होमोफोबिया कहते है। ऐसे लोगों को डर, नफरत,या अपमान ​​की भावना हो सकती है, और होमोफोबिया अक्सर धार्मिक या सांस्कृतिक मान्यताओं से जुड़ा होता है।

 

आमतौर पर ऐसे लोग यह समझा नहीं पाते कि वे इस तरह क्यों महसूस करते हैं, और मानते हैं कि उनका दृष्टिकोण 'सामान्य' है। लोगों में सामान्य तौर से बसे इस भावना या मान्यता को बदलना मुश्किल हो सकता है।

 

होमोफोबिया अलग-अलग तरीकों से सामने आता है। जब बच्चे 'समलैंगिक' शब्द का इस्तेमाल दूसरे बच्चों का अपमान या उन्हे धमकाने के लिए करते हैं; आपको आपके समलैंगिक होने की वजह से नौकरी से निकाल दिया जाना; आपके दोस्त के चेहरे पर डर का भाव दिखना जब आप उन्हें अपने समलैंगिकता के बारे में पहली बार बताते हैं; सड़क पर छेड़खानी, और कभी-कभी शारीरिक हमले का सामना करना भी होमोफोबिया के निशान हैं।

उत्पीड़न से निपटना

कई चीजें उत्पीड़न हो सकती है। अक्सर यह चीजें कही जाती हैं: जैसे एक भद्दा मजाक, गाली-गलौच, या आपके पहनावे, चाल, और बात करने के तरीके पर दूसरों की टिपण्णी। उत्पीड़न यौन से भी जुड़ा हो सकता है – किसी का आपको ऐसे छूना जो आपको अच्छा नहीं लगे - या उत्पीड़न शारीरिक भी हो सकता है, अगर कोई आपको धक्का दे, मारे, या आप पर किसी भी तरह से हमला करे।

डराना या धमकाना भी उत्पीड़न का एक रूप है। ऐसा सिर्फ बोलकर ही किया गया हो, तो वे शब्द भी आपको डरा सकते हैं। इससे कैसे निपटना है यह इस बात पर निर्भर करता है कि किस स्थिति में और आप किस तरह के उत्पीड़न सह रहे हैं। यहां बताई गई कुछ बातों पर ध्यान दें:

 

  1. खुद को दोष मत दें। यह आपकी गलती नहीं है, और आपके साथ कुछ भी गलत नहीं है।
  2. परेशान करने वाले इंसान से शांत मन से बात करें। अपना आपा न खोएं या उन्हें आपसे लड़ने का मौका न दें।
  3. याद रखें कि यह आपके बारे में नहीं है - झगड़ालू लोग हमेशा उन्हें तंग करते हैं जो किसी भी तरह से अलग होते हैं, और लोग हमेशा उनके बारे में चर्चा करते हैं। इसे अपने ऊपर न लें या ये न दिखाएं कि आप परेशान हैं। 
  4. किसी करीबी दोस्त से आप बात कर सकते हैं। अगर आप शहर में रहते हैं तो किसी एलजीबी समर्थन समूह से भी संपर्क कर सकते हैं। हमसफ़र ट्रस्ट और नाज़ फाउंडेशन जैसे सहायक समूह आपको पुलिस के पास शिकायत दर्ज़ कराने में मदद कर सकते हैं जब मामला बहुत गंभीर हो जाए।
  5. अगर कोई समर्थन समूह या कोई बात करने वाला नहीं मिले, तो इंटरनेट पर बहुत सारे सलाह और समर्थन मिल सकते हैं। आप अकेले नहीं हैं, और दूसरे लोग इसी तरह की परेशानियों से गुजर चुके हैं: आप ऐसी कई कहानियों के बारे में ऑनलाइन जान सकते हैं और उन समूहों के संपर्क में आ सकते हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं।
  6. अगर उत्पीड़न बंद नहीं होता है तो दोस्तों, सहयोगियों या शिक्षकों से मदद लें।
  7. लिखकर रिकॉर्ड रखें कि क्या हुआ था, कौन वहां था, और उसने क्या कहा था। फिर अगर आप कभी शिकायत दर्ज करना चाहेंगे, तो आपके पास सबूत तैयार रहेंगे।
  8. अगर आप लगातार उत्पीड़न सह रहे हैं तो जो आपको तंग कर रहा है उसके खिलाफ़ रिपोर्ट करें। अगर उत्पीड़न आपके काम वाली जगह पर हो रहा है, तो कई कंपनियों में उत्पीड़न की नीति होती है और वे आपका समर्थन करने में मददगार हो सकते हैं।
  9. अगर उत्पीड़न किसी सार्वजनिक स्थान पर होता है, तो स्थिति को काबू में रखने की कोशिश करें। अगर आप कमजोर महसूस करते हैं और हिंसा के बारे में सोचकर चिंतित हैं तो एक काली मिर्च स्प्रे अपने साथ रखें - लेकिन इसका इस्तेमाल तब तक न करें जब तक आपको सही में न करना पड़े।

कमिंग इन या मिलना जुलना

बहुत सारे गे एवं लेस्बियन लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण क्षण होता है - यह वह समय है जब आप पहली बार दूसरे गे एवं लेस्बियन लोगों से मिलते हैं। अक्सर यह एक बहुत ही सुखद या अच्छा अनुभव होता है - आपको यह एहसास होता है की आप अकेले नहीं हैं!

16 मई, 2016: होमोफोबिया और ट्रांसफोबिया के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस के लिए बनाए गए हमारे वीडियो को यहां देखें।

राज़ रखना

दुनिया में कई लोगों के लिए अपनी यौनिक पहचान प्रकट करना और समलैंगिक व्यक्ति की तरह खुल कर रहने का विकल्प उपलब्ध नहीं है। आपके आस पास के लोग धार्मिक एवं सांस्कृतिक कारणों की वजह से समलैंगिकता के लिए नकारात्मक नज़रिया रख सकते हैं। और अगर आप किसी ऐसे देश में रहते हैं जहाँ समलैंगिकता गैरकानूनी है तो आप गंभीर जोखिम उठा रहे हैं।

दुनिया के कुछ भागों में गे एवं लेस्बियन लोगों को अपनी यौनिक पहचान गुप्त रखनी पड़ती है। बाहरी दुनिया के लिए वे विषमलैंगिक लोगों की तरह ही रहते हैं, वे शादी कर सकते हैं और उनके बच्चे भी हो सकते हैं।
पर निश्चय ही, दुनिया भर में गे, लेस्बियन एवं द्वीलैंगिक लोग हैं और वे आपस में संपर्क में हैं या समलैंगिक समुदाय के सदस्य हैं, चाहे वह गुप्त ही क्यों न हो।

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Comments
Bete is baare mein aap kisi panjikrit doctor se mill lijiye. Ise bhee padhiye: https://lovematters.in/hi/resource/menstrual-cycle https://lovematters.in/hi/our-bodies/my-periods-are-irregular-what-should-i-do Yadi aap is mudde par humse aur gehri charcha mein judna chahte hain to hamare discussion board “Just Poocho” mein zaroor shamil ho! https://lovematters.in/en/forum
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