Lesbian couple
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विषम या सम?

यह पता चलना कि आप समलैंगिक है, किसी के लिए ख़ुशी तो किसी के लिए गम का पल साबित हो सकता है, लेकिन यह कई मुद्दों पर निर्भर करता हैI इस पर पढ़िए और जानकारीI

एहसास होना की आप समलैंगिक पुरुष (गे) या समलैंगिक महिला (लेस्बियन) हैं

इस बात का एहसास होना की आप गे या लेस्बियन हैं एक सुखद एहसास हो सकता है - हो सकता है आप गे या लेस्बियन लोगों को जानते हों या आपकी परवरिश ऐसे लोगों के साथ हुई हो जो समलैंगिकता के बारे में सकारात्मक सोच रखते हों। पर बहुत सारे लोगों के लिए यह एक चौका देने वाला विचार हो सकता है। अतः इस बात का एहसास होना की आप गे या लेस्बियन हैं, एक परेशान कर देने वाला एहसास भी हो सकता है। यह आपको बहुत परेशानी या असमंजस में डाल सकता है और आपको अकेला कर सकता है। इस बात पर निर्भर करते हुए की आप कहाँ रहते हैं, आपकी परवरिश कैसे की गई है, और आपके आस पास के लोगों की सोच कैसी है, आप शर्मिंदगी, निराशा या डर का अनुभव कर सकते हैं।

सारे विश्व में ऐसे लोग हैं जो समलैंगिकता के बारे में बहुत ही नकारात्मक सोच रखते हैं। और विश्व के कुछ भागों में समलैंगिक सेक्स कानूनन अपराध है, और इसके लिए गम्भीर दण्ड भी निर्धारित हैं।इस बारे में अधिक जानकारी के लिए दृष्टिकोण एवं कानून भाग पर क्लिक करें।

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इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है की बहुत सारे लोग अपनी समलैंगिक भावनाओं को नज़रअंदाज़ कर देते हैं और एक विषमलैंगिक व्यक्ति की तरह जीवन जीते हैं। हो सकता है वे शादीशुदा हों और उनके बच्चे भी हों पर वे कभी एक संपूर्ण रोमांचक या यौनिक जीवन नहीं बिता पाते हैं क्योंकि विपरीत लिंग वाले व्यक्ति के साथ संबंध रखना उनकी भावनाओं के विरुद्ध होता है।

यदि आपको लगे की आप समलैंगिक हैं और आप दुख एवं असमंजस की भावना महसूस करें तो निश्चय ही आप अकेले नहीं हैं! गे या लेस्बियन होने में कुछ गलत नहीं है। और आपमें भी कोई खराबी नहीं है।

संख्या

चूंकी बहुत सारे अध्ययन अलग अलग संख्याएं दर्शाते हैं, अतः यह बता पाना कठिन है की कुल जनसंख्या में समलैंगिक लोगों का क्या अनुपात है।
यह इस बात पर भी निर्भर करता है की आप लोगों से सवाल को कैसे पूछते हैं। जब आप लोगों से पूछते हैं की क्या वे समलैंगिक हैं, क्या उनमें समलैंगिक भावनाएं हैं, या क्या उन्होंने कभी अपने ही लिंग के व्यक्ति के साथ सेक्स का अनुभव किया है, तो आपको सभी सवालों के अलग अलग जवाब मिलेंगें। यह इस बात पर भी निर्भर करता है की लोग अपनी समलैंगिकता के बारे में कितना सच बताना चाहते हैं। यह सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के आधार पर अलग अलग हो सकता है।
पश्चिमी, विकसित देशों में, जहाँ अधिकतर अध्ययन किए गए हैं, नतीजे दर्शाते हैं की करीब 2 से 13 प्रतिशत लोग समलैंगिक हैं। पर इससे ज़्यादा संख्या में लोगों ने विपरीत लिंग के व्यक्ति के प्रति आकर्षण का अनुभव किया है या फिर अपने ही लिंग के व्यक्ति के साथ सेक्स किया है।
संक्षिप्त में, ज़्यादा लोग स्वयं को समलैंगिक नहीं कहना चाहते हैं पर बहुत से लोगों में समलैंगिक भावना होती हैं।

एहसास होना की आप समलैंगिक पुरुष (गे) या समलैंगिक महिला (लेस्बियन) हैं

इस बात का एहसास होना की आप गे या लेस्बियन हैं एक सुखद एहसास हो सकता है - हो सकता है आप गे या लेस्बियन लोगों को जानते हों या आपकी परवरिश ऐसे लोगों के साथ हुई हो जो समलैंगिकता के बारे में सकारात्मक सोच रखते हों। पर बहुत सारे लोगों के लिए यह एक चौका देने वाला विचार हो सकता है। अतः इस बात का एहसास होना की आप गे या लेस्बियन हैं, एक परेशान कर देने वाला एहसास भी हो सकता है। यह आपको बहुत परेशानी या असमंजस में डाल सकता है और आपको अकेला कर सकता है। इस बात पर निर्भर करते हुए की आप कहाँ रहते हैं, आपकी परवरिश कैसे की गई है, और आपके आस पास के लोगों की सोच कैसी है, आप शर्मिंदगी, निराशा या डर का अनुभव कर सकते हैं।

सारे विश्व में ऐसे लोग हैं जो समलैंगिकता के बारे में बहुत ही नकारात्मक सोच रखते हैं। और विश्व के कुछ भागों में समलैंगिक सेक्स कानूनन अपराध है, और इसके लिए गम्भीर दण्ड भी निर्धारित हैं।इस बारे में अधिक जानकारी के लिए दृष्टिकोण एवं कानून भाग पर क्लिक करें।

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इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है की बहुत सारे लोग अपनी समलैंगिक भावनाओं को नज़रअंदाज़ कर देते हैं और एक विषमलैंगिक व्यक्ति की तरह जीवन जीते हैं। हो सकता है वे शादीशुदा हों और उनके बच्चे भी हों पर वे कभी एक संपूर्ण रोमांचक या यौनिक जीवन नहीं बिता पाते हैं क्योंकि विपरीत लिंग वाले व्यक्ति के साथ संबंध रखना उनकी भावनाओं के विरुद्ध होता है।

यदि आपको लगे की आप समलैंगिक हैं और आप दुख एवं असमंजस की भावना महसूस करें तो निश्चय ही आप अकेले नहीं हैं! गे या लेस्बियन होने में कुछ गलत नहीं है। और आपमें भी कोई खराबी नहीं है।

संख्या

चूंकी बहुत सारे अध्ययन अलग अलग संख्याएं दर्शाते हैं, अतः यह बता पाना कठिन है की कुल जनसंख्या में समलैंगिक लोगों का क्या अनुपात है।
यह इस बात पर भी निर्भर करता है की आप लोगों से सवाल को कैसे पूछते हैं। जब आप लोगों से पूछते हैं की क्या वे समलैंगिक हैं, क्या उनमें समलैंगिक भावनाएं हैं, या क्या उन्होंने कभी अपने ही लिंग के व्यक्ति के साथ सेक्स का अनुभव किया है, तो आपको सभी सवालों के अलग अलग जवाब मिलेंगें। यह इस बात पर भी निर्भर करता है की लोग अपनी समलैंगिकता के बारे में कितना सच बताना चाहते हैं। यह सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के आधार पर अलग अलग हो सकता है।
पश्चिमी, विकसित देशों में, जहाँ अधिकतर अध्ययन किए गए हैं, नतीजे दर्शाते हैं की करीब 2 से 13 प्रतिशत लोग समलैंगिक हैं। पर इससे ज़्यादा संख्या में लोगों ने विपरीत लिंग के व्यक्ति के प्रति आकर्षण का अनुभव किया है या फिर अपने ही लिंग के व्यक्ति के साथ सेक्स किया है।
संक्षिप्त में, ज़्यादा लोग स्वयं को समलैंगिक नहीं कहना चाहते हैं पर बहुत से लोगों में समलैंगिक भावना होती हैं।

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