Miscarriage symptoms
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गर्भपात के क्या लक्षण हैं?

गर्भपात के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप गर्भावस्था के किस चरण में हैं। कुछ महिलाओं के लिए यह इतनी जल्दी होता है कि उन्हें पता भी नहीं चलता कि वे गर्भपात से पहले गर्भवती थीं।

गर्भपात के लक्षण क्या हैं?

गर्भपात के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप गर्भावस्था के किस चरण में हैं। कुछ महिलाओं के लिए, यह इतनी जल्दी होता है कि उन्हें पता भी नहीं चलता कि वे गर्भपात से पहले गर्भवती थीं। 

गर्भपात के लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप गर्भावस्था के किस चरण में हैं। कुछ महिलाओं के लिए, यह इतनी जल्दी होता है कि उन्हें पता भी नहीं चलता कि वे गर्भपात से पहले गर्भवती थीं।

गर्भपात के कुछ लक्षण इस प्रकार हैं:

  • गंभीर पेट दर्द या ऐंठन
  • हल्के से गंभीर पीठ
  • भारी स्पॉटिंग 
  • योनि स्राव और रक्तस्राव
  • द्रव निर्वहन, कभी-कभी ऊतक निर्वहन या योनि से थक्के के साथ होता है
  • संकुचन या कॉन्ट्रैक्शंस 
  • थकान 

रक्तस्राव (खून जाना)

जब आप गर्भवती हैं तो आपकी योनि से रक्तस्राव या आपकी चड्ढी पर खून के धब्बे आपको डरा सकते हैं। आप सबसे खराब स्थिति के लिए तैयार हो सकती हैं, और मान सकती हैं कि आपका गर्भस्राव हुआ है। लेकिन अक्सर यह कोई डरने वाली बात नहीं होती।

गर्भावस्था के दौरान आपकी गर्भग्रीवा (सर्विक्स) की रक्त वाहिनियां कोमल हो सकती हैं और उनसे आसानी से रक्तस्राव हो सकता है, अतः आपकी चड्ढी में या चादर पर खून के धब्बे दिख सकते हैं। आप इसे नाक से खून निकलने जैसा मान सकती हैं! यह अक्सर सेक्स करने के बाद हो सकता है, क्योंकि सेक्स के दौरान लिंग गर्भग्रीवा से टकराता है। लेकिन इससे भ्रूण को कोई नुकसान नहीं पहुंचता।

हालांकि गर्भवास्था के दौरान हर तरह का रक्तस्राव बिना नुकसान वाला नहीं होता। यह गर्भस्राव की शुरुआत हो सकती है। रक्तस्राव अस्थानिक गर्भावस्था (एक्टोपिक प्रेग्नेन्सी) का भी लक्षण हो सकता है, जिसमें बच्चा गर्भाशय के बाहर बढ़ रहा होता है। अतः यदि गर्भावस्था के शुरु के दिनों में आपका रक्तस्राव होता है, तो संभवतः कोई परेशानी वाली बात नहीं है, फिर भी आपको डाक्टर के पास जाकर जांच करा लेनी चाहिए।

गर्भपात होने पर कैसा महसूस होता है?

शुरू में गर्भस्राव में रक्तस्राव होता है, और मासिक धर्म की तरह दर्द भरे मरोड़ उठते हैं। इस समय बहुत अधिक दर्द हो सकता है, क्योंकि यह एक छोटे प्रसव की तरह होता है। भ्रूण और गर्भनाल को बाहर निकालने के लिए गर्भग्रीवा (सर्विक्स) को खुलना पड़ता है, और आपको प्रसव-पीड़ा की तरह ही संकुचन (गर्भाशय का सिकुड़ना) होते है। और इसमें देरी लगती है। पेट या आपकी पीठ के नीचे की ओर गर्म पानी की बोतल रख कर सेंकने या गर्म पानी से नहाने से इस दर्द से राहत पहुंच सकती हैं।

आपको सामान्य मासिक धर्म से अधिक रक्तस्राव हो सकता है। लेकिन यदि रक्तस्राव लगातार, नल की धार की तरह हो रहा है, या बच्चे की थैली (अम्नीऑटिक सैक) के बाहर निकलने के बाद भी जारी रहता है, तो आपको चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए या डाक्टर के पास जाना चाहिए।

यदि गर्भस्राव के बाद भी दर्द बना रहता है, तो हो सकता है कि सब कुछ ठीक से बाहर न निकला हो। ऐसी हालत में भी आपको चिकित्सीय सहायता लेनी चाहिए। हो सकता है गर्भाशय में जो कुछ रह गया है उसे डी एंड सी (डायलेशन एंड क्योरटेज) विधि से निकाला जाए।

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