कल्पना कीजिए कि वीर्य के स्खलन के दौरान आपको कुछ महसूस ही ना हो तो कैसा होगा! कोई मज़ा नहीं, कोई अनुभूति नहीं, बस स्खलन। आपके मस्तिष्क को ऑर्गैज़म के बारे में पता ही नहीं। ऐसा सचमुच होता है- और इस अवस्था को ओरगस्मिक एनहेडोनिया कहते हैं।
मझे अपने आप से घिन्न आती हैI मुझे लगता है कि मैं कोई सेक्स रोगी हूँI मेरा हमेशा वीर्य स्त्राव होता रहता है, यहाँ तक कि सोते हुए भीI ऐसा लगता है कि मैं सोते सोते भी सेक्स के बारे में सोचता रहता हूँI
मैं किशोरावस्था से हस्तमैथुन कर रहा हूँ. मुझे लगता है की इस की वजह से मेरा वीर्य पानी जैसा पतला हो गया हैI यह कहीं हस्तमैथुन की देन तो नहीं है? अब क्या होगा?
पुरुषों को अपनी महिला पार्टनर का ओर्गास्म बहुत कामोत्तेजक लगता हैI जब बात शारीरिक संतुष्टि की आती है तो अपनी पार्टनर को ओर्गास्म देने से बेहतर और कुछ नहीं हैI
पुरुषों के लिए कामोत्तेजना का मतलब सिर्फ शारीरिक ही होता है- उनका लिंग सख्त होता है और फिर उन्हें सेक्स चाहिए होता है.लेकिन महिलाओं उत्तेजन के लिए सोच और भावनाएं योनि की तरावट जैसे भौतिक संकेतों की तुलना में अधिक महतवपूर्ण होती हैंI
ऐसा क्यों है कि कुछ महिलाओं को आसानी से ओर्गास्म हो जाता है जबकि कुछ महिलाएं काफी कोशिश करके भी चरम तक नहीं पहुँच पातीं? फ्रेंच शोधकर्ताओं के अनुसार इसका असली राज़ दिमाग कि कामुक शक्ति में छुपा हैI पेश है सेक्स और विज्ञानं श्रृंखला में महिलाओं के ओर्गास्म पर हमारी तीसरी और आखिरी पेशकशI
रोमा कि शादी को तीन साल हो गए हैं और उसके अनुसार उसका सेक्स जीवन कमाल का हैI इसके बावजूद, कुछ दिन पहले तक उसे असल में कभी ओर्गास्म ही नहीं हुआ थाI उसके पति कि कोई कोई सेक्सी पेशकश असर नहीं कर पायी थी...उस दिन तकI जानिए रोमा के पहले ओर्गास्म कि कहानी!
ओर्गास्म के दौरान हम इस हद तक उत्तेजित जो जाते हैं कि हमारे दिमाग का एक हिस्सा सचमुच मनो स्विच ऑफ हो जाता हैI मस्तिष्क के हाल के स्कैन के परिणाम प्यार और सेक्स के असर की तस्वीर पेश करते हैंI