MRI brain with the OFC switched off for an orgasm
NASA / Wikimedia Commons

ओर्गास्म कैसे हमारे दिमाग कि बत्ती बंद कर देता है!

द्वारा Sarah Moses सितम्बर 3, 01:08 पूर्वान्ह
ओर्गास्म के दौरान हम इस हद तक उत्तेजित जो जाते हैं कि हमारे दिमाग का एक हिस्सा सचमुच मनो स्विच ऑफ हो जाता हैI मस्तिष्क के हाल के स्कैन के परिणाम प्यार और सेक्स के असर की तस्वीर पेश करते हैंI

तो आखिर ओर्गास्म के दौरान दिमाग की बत्ती क्यों गुल हो जाती है? डच शोधकर्ताओं की मानें तो शायद ऐसा इसलिए होता है ताकि ओर्गास्म के दौरान किसी भी तरह का संकोच भाव हमारे दिमाग से निकल जायेI

दिमाग का वो हिस्सा जो हमें शांत और नियंत्रण में रखने का काम करता है उसे ओर्बिटोफ्रन्टल कोर्टेक्स कहा जाता हैI और यही वो हिस्सा है जो ओर्गास्म के दौरान मनो स्विच ऑफ हो जाता हैI

और ये बात महिलाओं और पुरुष दोनों के लिए लागू होती हैI हालाँकि मोटे तौर पर चरम उत्तेजन (ओर्गास्म) के दौरान पुरुष और महिलाओं का दिमाग एक ही जैसा दिखता है, फिर भी उनमे कुछ महत्वपूर्ण अंतर होते हैंI

ओर्गास्म का दिखावा

महिलाओं के मामले में दिमाग का एक हिस्सा ऐसा भी है जिसमे ओर्गास्म के समय सेक्स उत्तेजन खो जाने का डर रहता है, डच शोधकर्ताओं ने पता लगायाI लगभग सभी महिलाएं इस बात को जानती हैं की सजह रहना कितना महत्वपूर्ण है, और शोधकर्ताओं ने ये उनके दिमाग के स्कैन में देखाI

लेकिन जब महिलाओं को ओर्गास्म असल में नहीं हो रहा था और वो सिर्फ ओर्गास्म होने का दिखावा कर रही थी, तो दिमाग का वो स्विच ऑफ नहीं हुआI तो चाहे महिलाएं ओर्गास्म की एक्टिंग अच्छी भले कर सकती हों, लेकिन दिमाग के अंदर कोई और ही कहानी होती हैI

उत्तेजना

ओर्बिटोफ्रन्टल कोर्टेक्स- यानि वो हिस्सा जो स्विच ऑफ़ होता है- उत्तेजना के लिए में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, डॉ स्टोलेरू बताते हैंI और पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन और महिलाओं में एस्ट्रोजन इसे उत्प्रेरित करने का काम करते हैंI

माहवारी के दौरान, अण्डोत्सर्ग से पहले एस्ट्रोजन स्तर बढे हुए रहते हैंI और यही वजह है की इस समय महिलाएं सामान्य से अधिक सेक्स उत्तेजन महसूस कर सकती हैंI

आकर्षण और दिमाग

यदि हमें किसी व्यक्ति के प्रति बहुत आकर्षण हो और हम उनके साथ डेटिंग शुरू कर दें तो हमारी नज़र उनसे हटना नामुमकिन सा हो जाता हैI इस टिकी हुई नज़र के पीछे पेरीटेल कोर्टेक्स होता है, दिमाग का वो हिस्सा जो आसपास की चीज़ों पर हमारा ध्यान केंद्रित करवाने का काम करता हैI

समय के साथ जब प्यार गहरा हो जाये तो अपने साथी की एक झलक ही हमारे दिमाग के एक हिस्से, वेंट्रल टेगमेंटल एरिया को सक्रिय कर देने के लिए काफी होती हैI इंसानो के अलावा ये हिस्सा मछलियों के मस्तिष्क में भी पाया जाता हैI डॉ स्टोलेरू ने लव मैटर्स को बताया कि रूमानी होना सिर्फ मानव प्रजाति तक सीमित नहीं, कुछ जीव जंतुओं के दिमाग में भी ये भाव पाया जा सकता हैI

अपने विचार यहाँ लिखिए या फेसबुक पर हो रही चर्चा में हिस्सा लीजियेI

Image: Love Matters /  NASA/Wikimedia Commons / Viktorus/Shutterstock

 

क्या आप इस जानकारी को उपयोगी पाते हैं?

Comments
नई टिप्पणी जोड़ें

Comment

  • अनुमति रखने वाले HTML टैगस: <a href hreflang>