Sex after childbirth
Oksana Kuzmina

गर्भावस्था के बाद सेक्स: पांच मुख्य तथ्य

द्वारा Stephanie Haase जुलाई 28, 12:22 पूर्वान्ह
गर्भावस्था के बाद सेक्स- आप पाएंगे कि शायद अब सब कुछ पहले जैसा नहीं है। शिशु को जन्म देना महिला के शरीर मेँ एक विस्फोट के समान होता है। इस विस्फोट से पैदा हुए घाव को भरने मेँ समय लगता है।

आपके साथी की सेक्स इच्छा पर भी इसका प्रभाव पड़ता है। आइए इस संबंध मेँ और जानते हैँ, हमारे 'पांच मुख्य तथ्य' के 21वेँ संस्करण में।

  1. उपचार के लिए समय
    शिशु जन्म के दोरान महिला की योनि चोटिल हो सकती है और शल्य के लिए उसे काटा भी जा सकता है। नई माताओं के लिए सेक्स थोड़ा तकलीफदेह या दर्द का कारण हो सकता है। प्रसव के बाद शरीर मेँ  हार्मोन का स्तर निरंतर घटता या बढ़ता रहता है जो आपको दुखी और निराश कर सकता है। निराशा सेक्स जीवन को प्रभावित कर सकती है। आपका शरीर बहुत थक जाता है क्योंकि पिछले कुछ समय मेँ वह काफी कुछ सह चुका है।
    कई डॉक्टर शिशु जन्म के पश्चात लगभग 4 से 6 हफ्ते तक सेक्स न करने की सलाह देते हैँ लेकिन यह समय सीमा कोई पत्थर की लकीर नहीँ है। हो सकता है कि आप इस से पहले ही सेक्स के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से तैयार हों या फिर इस के बाद भी न हो सकें। जो भी हो, जल्दबाजी न करेँ। अपने आप को और अपने शरीर को एक बार फिर सेक्स प्रक्रिया मेँ जुडने के लिए पूरा समय दें।
  2. सेक्स दर्दनाक क्यूँ बन जाता है?
    यदि ऊपर बताये समय तक सेक्स न करने के बाद फिर से शुरु करने पर भी यह एक दर्दनाक अनुभव बनता है तो ऐसा महसूस करने वाली आप अकेली नहीँ हैं। लगभग आधी से ज्यादा महिलाओं का मानना है की गर्भावस्था के बाद सेक्स कुछ समय तक बहुत ही औसतन अनुभव बन कर रह जाता है। इसका एक कारण योनि में सूखापन हो सकता है।
    जिन महिलाओं को योनि पर टांके लगे होते हैं या जो स्तनपान करा रही होती है उन्हें सेक्स के दौरान दर्द महसूस हो सकता है। इसका कारण यह है कि स्तनपान आपके शरीर के हार्मोन स्तर को प्रभावित करता है। कुछ ऐसे ही हार्मोन की वजह से शायद आपकी सेक्स इच्छा कम हो सकती है लेकिन आपको जो भी महसूस हो रहा हो, अपने शरीर के संकेतो को नजरअंदाज ना करेँ और अपने साथी को यह बात बता देँ कि कुछ दिन उन्हें थोड़ी सावधानी बरतनी होगी।
  3. बढ़ा हुआ वजन और स्ट्रेच मार्क्स
    काफी महिलाओं को लगता है कि शिशु जन्म के पश्चात् वो पहले जितनी आकर्षक नहीं रह गई हैI उन्हें उनके शरीर पर पड़े स्ट्रेच मार्क्स की चिंता भी परेशान करती है, और गर्भ के दौरान बढ़े हुए वजन की भी।
    प्रस्तुत हैं कुछ तथ्य :
    आपके गर्भाशय को फिर से सामान्य होने में कई महीने लग सकते हैं। और आपके शरीर से कई द्रव्यों को बाहर निकलना होता है। इस सब में समय लगता है! अपने शरीर का ध्यान रखिए, स्वस्थ खाइये और थोडा व्यायाम भी करिये। याद रखिये: इस वजन को चढ़ने में 9 महीने लगे थे, ये एक दिन में नहीं उतरने वाला, इसलिए धैर्य रखिये!
  4. सेक्स इच्छा में कमी और दर्द- आपको क्या करना चाहिए?
    यदि आप सेक्स ना भी करना चाहें, तो भी अपने साथी के साथ जुड़ाव बनाये रखने के लिये कई और चीज़ें कर सकते हैं। जैसे कि प्यार भरा स्पर्श और आलिंगन। आपके साथी का प्यार भरा स्पर्श आपको फिर से आकर्षक महसूस करा सकने में समर्थ है। प्यार को प्रदर्शित करने के कई सृजनात्मक तरीके हैं लेकिन प्रसव के बाद कुछ समय तक मुखमैथुन से दूर रहें, इससे संक्रमण का खतरा रहता है।
    क्रीम और चिकनाई वाले पदार्थ के द्वारा आप योनि के सूखेपन से निजात पा सकते हैं। कुछ विशेष प्रकार के व्यायाम से आप सेक्स के दौरान होने वाले दर्द से भी छुटकारा पा सकते हैं।
    यदि ये सब करने के बाद भी आप निरंतर असहजता और दर्द महसूस कर रही हैं तो डॉक्टर से मिलना बेहतर होगा। वो आपके सेक्स जीवन को फिर से सामान्य करने के उपाय आपको बता सकेंगे।

5. सेक्स और नवजात शिशु
आपके शिशु का भी आपके सेक्स जीवन पर प्रभाव अवश्य होगा। सबसे पहली बात तो ये की शिशु की देखभाल में रात रात जागकर शारीरिक थकान तो होगी ही। साथ ही आपके साथी को ये महसूस हो सकता है कि आपका सारा ध्यान अचानक उनसे हटकर बच्चे पर लग गया है। कुछ पुरुषों के मन में ये भाव भी घर कर जाता है कि उनकी साथी को प्रसव में हुई पीड़ा के लिए वो ज़िम्मेदार हैं और सेक्स करना और पीड़ादायक हो सकता है।
आपके रिश्ते में जो भी हो रहा हो, संवाद को जीवित रखने का हर संभव प्रयास करें! एक प्रेमी युगल की तरह आप दोनों अपना व्यक्तिगत समय भी गुज़ारें।
और अपने बच्चे के सामने अपने साथी के लिए प्यार प्रदर्शित करने में बिलकुल संकोच न करें। शोध यह दर्शाती है कि इससे बच्चे को स्वस्थ रिश्तों को समझने में सहायता मिलेगी, जोकि अच्छी परवरिश का एक हिस्सा है!

गर्भावस्था के बारे में अपने विचार और सवाल नीचे लिखिए या फेसबुक पर हो रही चर्चा में हिस्सा लीजियेI 

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