How does pregnancy happen
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प्रेग्नेंसी कैसे होती है?

आपने कभी सोचा है, प्रेग्नेंसी कैसे होती है? डॉ कुमार ने अमित से पूछा। उसने श्रेया की तरफ़ जबाव के लिए देखा। अगर आप भी ठीक से नहीं जानते कि प्रेग्नेंसी कैसे होती या यह जानना चाहते हैं कि इसे कैसे रोका जा सकता है, तो इसे पढिए।

अमित और श्रेया बच्चे के लिए पिछले तीन महीनों से कोशिश कर रहे। दोनी की उम्र 30 से कम हैं और इस बारे में बिल्कुल अनजान कि प्रेग्नेंसी हो क्यों नहीं रही। खासकर तब जब उनके बीच अक्सर सेक्स होता है। श्रेया ने अमित को गायनोकोलॉजिस्ट के पास चलने के लिए मनाया है ताकि सब ठीक है या नहीं यह पता लग सके। 

डॉ कुमार ने गर्मजोशी से उनसे हाथ मिलाया और उन्हें सहज महसूस करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि डरने की कोई बात नहीं है। फिर उन्होंने अमित से पूछा कि क्या वह जानता है प्रेग्नेंसी कैसे होती है? 

डॉक्टर, यह कोई रॉकेट साइंस तो है नहीं। प्रेग्नेंसी असुरक्षित सेक्स करने से होती है, अमित ने कहा। 

सही जबाव ! डॉ कुमार मुस्कुराए, लेकिन आपको पता है यह कैसे होती है? 

अमित के पास कोई जबाव नहीं था। 

हालाँकि श्रेया मुस्कुरा रही थी। उसने कहा, मैंने सुरक्षित दिनों ( सेफ डेज- जब प्रेग्नेंसी का खतरा कम होता है ) और ओवयुलेशन डेज ( जब प्रेग्नेंसी के सबसे अधिक आसार हो) के बारे में सुना है। लेकिन सेफ डेज और ओवयुलेशन डेज के दौरान मेरे शरीर में क्या बदलाव होते हैं, मैं इस बारे में ठीक से नहीं जानती। 

फिर आइए इस रहस्य को खोलें, डॉ कुमार ने कहा। 

श्रेया के शरीर के अंदर 

तो आइए पता करते हैं एक स्त्री के शरीर में क्या होता है जिससे प्रेग्नेंसी होती है। ज़्यादातर  औरतों में 10 से 15 वर्ष की उम्र में मासिक धर्म शुरू होता है। वे तब आव्युलेट करने लगती हैं और उनके शरीर में गर्भ धारण करने की क्षमता आ जाती है। 

लेकिन ओवयुलेशन क्या है, अमित से डॉक्टर से पूछा। 

ओके, मुझे विस्तार से बताने दो। मुझे अंदाजा है कि श्रेया इस बारे में थोड़ा बहुत जानती है, डॉ कुमार ने मुसकुराते हुए कहा और ओवयुलेशन की प्रक्रिया बताने लगे । 

तो हर महीने फ़ीमेल रीप्रोडक्टिव सिस्टम द्वारा ओवरी से एक ओवम या एग बाहर आता (फ़ीमेल रीप्रोडक्टिव से) ओवयुलेशन सामान्यतः एक दिन के लिए होता है और एक औरत के मासिक चक्र के बीच में होता है, यानी कि उसके अगले मासिक से 12 या 16 दिन (लगभग दो हफ़्ते पहले ) पहले।  

सीधे शब्दों में कहे तो यह एक स्त्री से सबसे उर्वर दिन होते हैं। इस दौरान एक औरत के प्रेग्नेंट होने के आसार सबसे अधिक होता है। 

तो इसी दौरान हमें सेक्स करना चाहिए, अमित ने श्रेया को आँख मारी। 

हाँ, आप सही कह रहे, अगर कोई जोड़ा प्रेग्नेंसी की योजना बना रहा है तो उन्हें इन दिनों में असुरक्षित सेक्स करना चाहिए। इस दौरान प्रेग्नेंट होने के आसार सबसे अधिक हैं। 

हालाँकि अगर आप प्रेग्नेंसी नहीं चाहते तो कॉन्डम ज़रूर इस्तेमाल करें। 

अमित के शरीर के अंदर 

अमित, क्या तुम जानते हो तुम्हारे शरीर के अंदर क्या होता है, डॉ ने पूछा। 

कोई आइडिया नहीं है, प्लीज बताएं डॉक्टर। 

प्यूबर्टी (9 से 15 के बीच की उम्र) की उम्र में पहुँचने पर पुरुष के टेस्टीकल्स स्पर्म सेल (मेल रीप्रोडक्टिव सेल) बनाते हैं। लाखों छोटे स्पर्म सेल सीमेन के माध्यम से स्खलन के दौरान बाहर निकलते हैं। यूरिनरी ब्लैडर के नीचे स्थित ग्लैण्ड से सीमेन निकलता है। 

टेस्टीकल्स को सीमेन फैक्ट्री भी कहते है। हर बार जब पुरुषों में स्खलन होता है, लगभग 100 मिलियन स्पर्मस निकलते हैं। 

वाऊ, ये तो बहुत अधिक हैं, श्रेया चकित थी। 

हाँ, लेकिन हर स्पर्म प्रेग्नेंसी के लिए ज़रूरी नहीं। स्त्री के एग को निषेचित करने के लिए बस एक स्पर्म की ज़रूरत होती है। 

सेक्स की भूमिका 

अब डॉक्टर को फर्टिलाइज़ेशन या निषेचन की प्रक्रिया विस्तार से समझानी थी। जब आप सेक्स करते हैं तो दरसल होता क्या है कि प्रेग्नेंसी होती है । अमित और श्रेया दोनों उत्सुकता से सुन रहे थे। 

प्रेग्नेंसी तब होती जब एक स्त्री और पुरुष आपस में सेक्स करते हैं (या प्यार करते हैं)। पुरुष का पेनिस स्त्री के वेजाइना में जाता है, अगर वह गर्भाधान चाहते हैं तो पुरुष को स्खलन के दौरान अपना स्पर्म स्त्री के वेजाइना में छोड़ना होता है जिसके अंदर स्पर्म सेल होते हैं। 

स्पर्म सेल सरविक्स से यूटरस तक तैर कर जाते हैं जहाँ एक ओवम या परिपक्व एग ओवरी द्वारा छोड़ा गया होता है। तभी प्रेग्नेंसी के आसार बढ़ जाते हैं जब श्रेया ओवयुलेट कर रही होती हैं। 

ओवयुलेशन 

मुझे कैसे पता चलेगा, मैं ओवयुलेट कर रही, क्या इसके कोई लक्षण हैं, श्रेया ने कहा। 

ओवयुलेशन आपके अगले मासिक के 12 या 16 दिन पहले होता है (लगभग दो हफ़्ते)। ओवयुलेशन स्ट्रिपस बाजार में मिलेंगे। 

हर औरत इस पीरियड के दौरान कोई लक्षण पाए यह ज़रूरी नहीं। हालाँकि कुछ शारीरिक बदलाव होते हैं जैसे सर्विकल म्यूकस में बदलाव (वेजाइनल डिस्चार्ज के रूप में जो पैंटी पर लगा मिलता है ), शरीर के तापमान का बदलना आदि। 

जब स्त्री ओवयुलेट कर रही हो और उसी दौरान स्पर्म सेल ओवम या एग सेल से मिले  तो प्रेग्नेंसी के आसार बढ़ जाते हैं। स्पर्म और ओवम के मिलन को ही फर्टिलाईजेशन कहते हैं। ओवम के निषेचित होने पर यह फ़ीमेल यूटरेस की दीवार पर स्थित हो जाता है। यह प्रेग्नेंसी का पहला चरण है। 

श्रेया, यह ध्यान रखना कि स्पर्म वेजाइना में दो से तीन दिनों तक रहते हैं, अगर तुम्हारा सेक्स ओवयुलेशन से पहले होता है तो उस दौरान तुम्हारे अंदर ताज़ा स्पर्म चाहिए होगा । 

माहवारी का रुकना, प्रेग्नेंसी के लक्षण ?

माहवारी का रुकना प्रेग्नेंसी का पहला लक्षण है। जैसे ही ओवल स्पर्म से निषेचित हो जाता, शरीर माहवारी रोक देता है। अगर ओवल निषेचित नहीं होता तो शरीर द्वारा बनाए गए ब्लड सेल अगली माहवारी में निकाल जाते हैं और ओवम फिर से शरीर द्वारा सुरक्षित कर लिया जाता है। फिर प्रेग्नेंसी के लिए अगले ओवयुलेशन चक्र का इंतज़ार करना पड़ता है। और अगर आप प्रेग्नेंट नहीं होना चाहते तो ओवयुलेशन के दौरान बहुत सतर्क रहें। 

उम्मीद है, यह जानकारी आपके लिए मददगार होगी, डॉ कुमार ने कहा। 

बहुत ही अधिक मददगार, अमित चहका। दरअसल हम दोनों ओवयुलेशन चक्र का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। श्रेया ने जोड़ा, अब हमारे शरीर के अंदर क्या हो रहा है, यह जानना हमारे लिए फ़ायदेमंद है। 

डॉ कुमार ने मुसकुराते हुए श्रेया और अमित को शुभकामनाएं दी। 

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Comments
Hitesh bete, garbhnirodhan ke kai upaye hain jinhe aap apni suvidha ke mutabiq le sakte hain woh aap yaha padh sakte hai: https://lovematters.in/hi/resource/birth-control Lekin yadi aap pregnancy ke risk se bachna chahte hai to kisi aur tarikay ke mukabley Condom ka istemal hi easy aur safe tareeka hai. Isse unchahe garbh ke saath saath youn sakraman ke khatre se bhi bacha ja sakta hai.
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