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जी-स्पॉट: पांच मुख्य तथ्य

द्वारा Stephanie Haase मार्च 30, 09:36 बजे
जब बात महिलाओं और सेक्स की आती है तो जी-स्पॉट केक पर चेरी के समान है। इसे सहलाने से महिलाओं को बेहतरीन ओर्गास्म हो सकते हैं। लेकिन एक छोटी सी समस्या है। कुछ ही लोग इसे ढूँढ पाते हैं। कुछ का कहना है की ये होता ही नहीं है। आइये इस बारे में कुछ तथ्य जानते हैं!
  1. जी-स्पॉट आखिर क्या है?
    जी-स्पॉट योनि के भीतर एक बेहद संवेदनशील हिस्सा है। क्लिटोरिस की ही तरह ये भी उथानसक्षम
    टिश्यू से निर्मित है। वैसे ये छोटे सिक्के के आकर का होता है लेकिन छुअन की संवेदना से इसका आकर बढ़ सकता है। इससे छूने से महिलाओं को शारीरक उत्तेजना तो होती ही है, साथ ही इस उत्तेजना के फलस्वरूप उत्तेजना या महिला स्खलन भी हो सकता है।
    लेकिन सिर्फ छूने भर से किसी चमत्कार की उम्मीद न रखें। कुछ समय लगता है, और थोडा अभ्यास भी। ये समझने के लिए की इसे सहलाने का सही तरीका क्या है। क्लिटोरिस के बारे में सोचिये, जैसे कुछ अच्छा लगता है और कुछ नहीं। किसी तरह से छूने से मज़ा आता है जबकि किसी तरह से छूने में दर्द भी होता है। जी-स्पॉट का भी हाल यही है। ध्यान रहे, मेहनत का फल काफी मीठा होगा, इसलिए प्रयास करते रहें!
  2. जी-स्पॉट को कैसे तलाश किया जाये?
    यदि आप ढूंढ़ना चाहते हों तो जी-स्पॉट योनि के भीतर एक से तीन इंच अंदर ऊपरी दीवार के पास होता है। आराम से लेट जाईयें और गहरी सांस लीजिये। अब हथेली का रुख ऊपर करके धीरे से अपनी ऊँगली योनि के भीतर डालिये, करीब एक ऊँगली की लम्बाई जितना अंदर। योनि की अंदरि दीवार को दबाकर महसूस करके देखिये। यदि आपको एक स्पंजी हिस्सा महसूस होता है तो आप सही जगह पर हैं। उसे थोडा सहलाइए, दबाइये और गुदगुदाइये और आप पाएंगी की आपको मज़ा और उत्तेजना हो रही है।
  3. आपका जी-स्पॉट, आपका पार्टनर और ओर्गास्म
    जब अपने अपने इस स्पॉट को तलाश लिया हो तो अब अपने पार्टनर को भी इसका पता बताइये। फोरेप्ले के दौरान सही जगह तक उनकी ऊँगली को पहुँचने में उनकी मदद कीजिये।
    आप सम्भोग के दौरान भी इसे उत्तेजित कर सकते हैं। और इसके लिए आपको कोई कलाबाज़ियाँ करने की ज़रूरत नहीं है। अक्सर सिर्फ लिंग की दिशा सही होने से ये काम बखूबी हो सकता है। जब आप ऊपर हों तो अपने शरीर को थोडा पीछे के तरफ झुका लें ताकि लिंग स्वतः आपकी योनि के आगे वाले उस हिस्से को छुएगा जहाँ जी-स्पॉट स्थित है।
    जी-स्पॉट की तलाश करने की तरह इसमें भी थोडा अभ्यास करना पड़ेगा। पहली बार में ही चमत्कार नहीं होगा, लेकिन लगे रहें। अभ्यास से ही निपुणता आती है।
  4. और मज़े के लिए जी-स्पॉट सर्जरी?
    कुछ ख़ास इंजेक्शन से जी-स्पॉट का आक्र बढ़ाया जा सकता है ताकि इसे ढूंढ़ने में आसानी हो, ऐसा अमरीकी प्लास्टिक सर्जन का कहना है। उनके अनुसार इस इंजेक्शन के बाद 87 प्रतिशत महिलाओं ने उत्तेजन में इजाफे की बात स्वीकारी है। इस इंजेक्शन का असर कुछ महीनो तक रहता है और इसकी कीमत करीब एक लाख रूपए है। तो यदि आप इसका मज़ा लेते रहना चाहते हों तो थोड़ी कीमत अदा  करनी पड़ेगी।
    कुछ और स्वास्थ विशेषज्ञ इसे सही नहीं मानते और इस प्रक्रिया से बचने की हिदायत देते हैं। उनके अनुसार ये वैज्ञनैकों द्वारा शोधित नहीं है और सरकारी एजेंसीयों द्वारा मान्यता प्राप्त भी नहीं है। तो अपने स्वास्थ के नुक्सान की सभावना के चलते आपको ऐसा करने से पहले 2 बार सोचना चाहिए चाहे इससे आपके सेक्स जीवन के बेहतर बनने की सम्भावना क्यूँ न हो।
  5. क्या ये होता भी है या नहीं?
    यदि आप दूसरे वैज्ञानिक साहित्य को देखें, तो आपको बंटी हुई राय देखने को मिलेगी- वो वैज्ञानिक जो मानते हैं की जी-स्पॉट असल में होता है और वो जो कहते  हैं की ऐसा कुछ है ही नहीं। उदाहरण के तौर पर ब्रिटेन के हाल ही एक अध्यन को देखिये। उन्होंने 100 महिलाओं और उनकी जुड़वाँ बहनो से इस सम्बन्ध में सवाल पूछे। आधेय से ज़यादा ने जी-स्पॉट अनुभव की बात को स्वीकारा और वैज्ञानिकों ने निष्कर्ष निकाला की  जी-स्पॉट शारीरिक रचना से ज़यादा बिस्तर पर खुली मानसिकता का मुद्दा है।
    कुछ दूसरे वैज्ञानिकों तुरंत इस रिपोर्ट का खंडन करते हुए इसे अविश्वसनीय बताया, ये कहते हुए को उन् महिलाओं का सही तरह से परिक्षण किया जाना चाहिए था।
    और जब भी जी-स्पॉट से सम्बंधित कोई भी नयी रिसर्च आती है तो यह चर्च गर्म हो जाती है। वैज्ञानिकों का एक समूह जी-स्पॉट से जुड़े सभी तथ्यों का खंडन करता है जबकि दूसरा समूह इसकी मौजूदगी का समर्थन के तर्क देते हैं। तो अब तक वैज्ञानिकों की इस सम्बन्ध में आम राय नहीं बन पायी है।

आपको क्या लगता है: क्या जी-स्पॉट जैसी कोई चीज़ होती है? क्या आप ढूँढ पाये हैं? अपना जवाब यहाँ लिखिए या फेसबुक पर हो रही चर्चा में हिस्सा लीजिये।


 

  • G-shot surgery for more pleasure?
    Special injections can make the g-spot bigger and easier to find, an American plastic surgeon claims. According to him, 87 percent of women get more aroused after having the shot. He even hosts 'G-shot parties', where groups of women come to see him to get their injections together. The effects of the injections only last for a few months, however, and so if you want to keep enjoying the benefits, you need to cash out over one lakh rupees or US $1850 every four months.

    Other health experts have serious doubts about the procedure and warn women against it. It's invasive and has neither been tested by independent scientists, nor has it been approved by government bodies. So you should really think twice about getting yourself into something that could be a risk for your health, even if it promises to improve your sex life.

     

  • But really now... does it exist?
    If you look at the scientific literature, you will soon see a divided world – those scientists who believe in the existence of the g-spot, and those who don't. Take a recent study from the UK, for example. Scientists interviewed 900 women and their twin sisters, just over half of whom reported having a g-spot. They concluded that the g-spot experience is most likely due to openness in bed, rather than an anatomical feature.

    Other scientists defending the g-spot immediately jumped at the study's results, claiming that they weren't reliable. They said because the women should have been observed or examined.
    And the same seems to happen every time a new g-spot study comes out – one camp of scientists will tear apart any study that claims the g-spot exists, while the other camp will find ever-new reasons to prove its existence.

    So until now, the scientific world hasn't decided whether or not the g-spot exists. 

The article was published first on March 28, 2013. 

What about you: do you think the g-spot exists? Have you found it? Leave us a comment, or join our Facebook discussion.

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