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प्रताड़ित करने वाला पार्टनर

द्वारा David Joshua Jennings जनवरी 26, 02:40 बजे
यदि आप अपने रिश्ते में प्रताड़ना झेल रहे हैं तो अब आपको इसके बारे में कुछ करना चाहिये।कई बार सकारत्मक रहने से काम चल जाता है, लेकिन अक्सर इसका समाधान रिश्ते का अंत करके ही होता है।

समाधान करने के लिये औरों की मदद लीजिये। प्रस्तुत हैं कुछ टिप्स।

अपने साथ हो रही प्रताड़ना को पहचाने

कोई भी कदम उठाने से पहले ये आवश्यक है कि आपके साथ हो रही प्रताड़ना को पहचाने। यह अक्सर सबसे लंबा और मुश्किल कदम होता है, क्यूंकि अक्सर प्रताड़ना झेल रहे लोग ये मानना नहीं चाहते कि उनके साथ ऐसा हो रहा है, और इस मामले को गंभीरता से नहीं लेते। आपको यह समझने के लिए शारीरिक रूप से आहत होने का इंतज़ार नहीं करना चाहिए। अपनी परिस्थिति को समझें और अनुकूल कदम उठाएं।

खुद से पूछें: क्या अभी भी रिश्ता बच सकता है?

ये एक मुश्किल सवाल है और चाहे आप लाख चाहें कि इस सवाल का जवाब 'हाँ' हो, इसका जवाब अक्सर 'नहीं' होता है। यदि आपके साथी ने आपके साथ हिंसा की है तो इसका जवाब ना है।यदि आपका साथी लगभग हमेशा से प्रताड़ना करता रहा है तो भी इसका जवाब ना है। हाँ, यदि ये प्रताड़ना कुछ समय से शुरू हुई है और आपको लगता है कि इसके ख़त्म होने के आसार हैं, तो शायद इसका जवाब हाँ होने की कुछ सम्भावना हो सकती है।लेकिन पहले ये आवश्यक है कि आपका साथी अपनी गलती का आभास करे और आप अपनी शक्ति और स्थान फिर से पा सकें। यह बात स्पष्ट कर देना ज़रूरी है कि आप ऐसा बर्ताव बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मुश्किल घडी में आप परिवार और दोस्तों की सहायता ले सकते हैं।

अपनी स्थिति का सही आंकलन

यदि आप प्रताड़ना का शिकार हैं तो सबसे पहले आपकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना ज़रूरी है।यदि आपको कोई खतरा महसूस होता है तो पुलिस को सूचित कर देने में समझदारी है और घर छोड़ कर किसी महफूज़ जगह पर चले जाएं।किसी ऐसे इंसान की मदद लें जिस पर आप भरोसा कर सकते हैं।किसी ऐसी संस्था की मदद भी ली जा सकती है जो इन मामलों में सलाह और सहायता देती हैं।अपनी परिस्थिति और सुरक्षा का सही आंकलन आपको सही फैसला लेने में मदद करेगा।

सावधानी बरतें

सबसे ज़्यादा सावधान रहने की ज़रूरत तब होती है जब प्रताड़ित करने वाले को आभास हो जाये कि आप वहां से निकलने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए आपको यह करते समय सावधानी बरतनी पड़ेगी। किसी ऐसे कंप्यूटर या फोन का इस्तेमाल करें जिस तक वो व्यक्ति न पहुँच सके। जब आप वहां से निकलें तो आपको पता होना चाहिए कि आप वहां से निकल कर कहाँ जायेंगे और क्या वो जगह सुरक्षित है या नहीं। निकलते समय अपना फोन, पहचान पत्र और कुछ पैसे साथ लेना अच्छा रहेगा।

अपने अधिकारों को जानें

अपने न्यायिक अधिकारों की जानकारी होना अच्छी बात है, विशेषकर जब आप शारीरिक हिंसा का शिकार हुए हों। घरेलु हिंसा से आपके बचाव के लिए कई कानून होते हैं। कानून जगह के हिसाब से अलग हो सकते हैं। जब आपको कानून की जानकारी हो जाये तो आप उस व्यक्ति के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट लिखवाने के बारे में भी सोच सकते हैं। घरेलु हिंसा के शिकार होने के अधिकारों के बारे में और जानकारी के लिए देखें: http://www.helplinelaw.com/family-law/DVLI/domestic-violence-in-india.html

रिश्ते का अंत

जब एक बार आप इस चंगुल से बाहर निकलने का फैसला कर लें, तो फिर से उस व्यक्ति के भवतात्मक नाटक और वादों का शिकार बनने से खुद को रोकें।यह समय अपने खोये प्यार पर आंसू बहाने का नहीं बल्कि अपने आप को न्याय दिलाने का है। यदि आपको लगता है ये सब सुनकर वो व्यक्ति हिंसा कर सकता है तो उसे खुद न मिलें, उसे फोन या मेसेज पर ही बताएं। ज़्यादा चर्चा में न पड़ें, अपनी बात साफ़ और कम शब्दों तक सीमित रखें।यहाँ तक नौबत आने का अर्थ ही यह है कि अब कहने सुनने के लिए कुछ नहीं बचा है।

मदद लें

इस दुर्व्यवहार से अकेले संघर्ष न करें।इसका मुकाबला करने में राज्य और राष्ट्रीय स्तर की कई संस्थाएं आपकी मदद करेंगी। परिवार और दोस्त आपकी सहायता करना चाहते हैं लेकिन कई बार उन्हें सही रास्ता और जानकारी पता नहीं होती।यहाँ राज्यों के हिसाब से कुछ गैर सरकारी संस्थानों की सूची दी हुई है। और साथ ही कुछ महिला कल्याण संस्थाओं का भी नाम दिया गया है।आप इनसे भी क़ानूनी सलाह ले सकते हैं।

मंथन

जब आप इस सब से बाहर निकल जाएं तो आपको गहरायी से इसका मंथन करने की ज़रूरत है। क्या यह आपके साथ पहली बार हुआ है या पहले किसी रिश्ते में भी ऐसा हो चुका है। और यदि पहले भी ऐसा हुआ है तो क्या वजह है कि आप अपने साथ हर बार ऐसा होने देते हैं? तुरंत अगले रिश्ते में न कूद पड़ें, अपने इन ज़ख्मों को भरने का समय दें।

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क्या आप भी ऐसे ही रिश्ते में हैं? आपके पास क्या विकल्प हैं? अपनी राय यहाँ लिखें या फेसबुक पर इस चर्चा में हिस्सा लें।

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