Abortion should be a choice
Love Matters

हर गर्भपात पर अफ़सोस हो, ज़रूरी नहीं

द्वारा Kiran Ki Rai सितम्बर 29, 08:44 बजे
मैं शादी के दो महीने बाद ही प्रेग्नेंट हो गयी थीI हम दोनों ही परेशान और नाखुश थेI नवविवाहित जोड़ो की तरह खुशी मनाना तो दूर, हमें तो एबॉर्शन की चिंता सताने लगी थीI

किरण राय लव मैटर्स इंडिया के चर्चा बोर्ड की मॉडरेटर हैंI 

मैं यही सोच और सुन कर बड़ी हुई कि एक औरत का जीवन तब तक पूरा नहीं होता जब तक वो माँ नहीं बन जातीI लेकिन अपने और अपने शरीर के साथ हुए इस अनुभव के बाद तो मैं यही कहूँगी कि माँ बनना है या नहीं, यह निर्णय पूरी तरह एक औरत का होना चाहिएI

मैंने और मेरे पति ने शादी से पहले ही यह फैसला कर लिया था कि हम बच्चा तभी करेंगे जब हम दोनों एक दुसरे को अच्छी तरह से समझ चुके होंगे और अपने अपने कैरियर में पूरी तरह स्थापितI लेकिन शायद शादी के जोश और रोमांच क चलते हम परिवार-नियोजन के बारे में भूल गए और असुरक्षित सेक्स कर बैठे I

सदमा

मेरे लिए यह अनचाहा गर्भधारण किसी बुरी खबर से कम नहीं थाI मेरी एक दोस्त अभी अभी माँ बनी थी तो मैंने सोचा कि क्यों ना इस बारे में उसकी राय ली जाये? उसे लगा कि यह अच्छी खबर है लेकिन जब मैंने उसे बताया कि हम दोनों एक बच्चे को जन्म देने के लिए आर्थिक और मानसिक रूप से तैयार नहीं हैं तो उसे लगा कि मेरा दिमाग खराब हो गया है I

"क्या मतलब कि तू मानसिक रूप से तैयार नहीं है? एक बार बच्चा हो जाने दे सब ठीक हो जायेगा"I उसका यह मानना था कि अपने पति और अपने सास-ससुर से अपना रिश्ता और मज़बूत करने के लिए मुझे इस बच्चे को ज़रूर जन्म देना चाहिएI

यह लेख लव मैटर्स के उस अभियान का हिस्सा है जो कि गर्भपात से जुडी गलत धारणाओं को अंत करने के बारे में हैI #BustTheMyths अभियान 28th September WGNRR के साथ चलेगा  

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