A friend of mine said
Love Matters

28, पुरुष, कुंवारा, वर्जिन: मुश्किल ज़िन्दगी

द्वारा Gayatri Parameswaran जून 11, 04:07 बजे
पिछले हफ्ते, मुझे बताया गया की पुरुष होना, वो भी 28 साल का और वर्जिन होना बेकार है। "यह ऐसा है जैसे बहुत सालों तक गर्भवती होना," मेरे 28 साल के कुंवारे, पुरुष, वर्जिन दोस्त ने बताया।

मुझे इस तुल्यता पर बहुत हँसी आई और अगर इस तुल्यता में ज़रा सी भी सच्चाई है, तो मैं इस वर्ग में आने वाले सभी लोगों से सहानुभूति रखती हूँ। मुझे ख़ुशी है की मैं उनकी जगह नहीं हूँ।

बिना सेक्स के

"मेरे बहुत सारे अफेयर हुए है और बहुत सारी गर्ल फ्रेंड भी रही है," मेरे दोस्त ने कहा, "लेकिन मैंने सेक्स कभी नहीं किया. तुम्हें शायद मेरी बात पर विश्वास ना हो, लेकिन यह सच है।"

मैंने बिना सेक्स के रिश्तों के बारे मैं सुना तो है। लेकिन वो अक्सर किशोरावस्था के दौरान की कहानिया थी। किशोर अक्सर 'सब कुछ' करने को लेकर असुरक्षित महसूस करते हैं। उनके हिसाब से वो सेक्स को 'सही इंसान' के लिए बचा कर रखने में विश्वास रखते हैं। लेकिन कुछ सालों के बाद, लोग यह भी जान जाते हैं की 'सही इंसान' एक मिथ्या है!

वो ज़रूरी साल

तो, आखिर मेरा दोस्त 28 साल का होकर भी वर्जिन कैसे था?

"निश्चित रूप से यह इसलिए नहीं था क्यूंकि मैं वर्जिन रहना चाहता था," उसने कहा। "देखो, मेरी पहली गर्ल फ्रेंड तब बनी थी जब मैं 12 या 13 साल का था। उस समय वो सेक्स के लिए तैयार नहीं थी। और मुझे भी सेक्स की कोई जल्दबाज़ी नहीं थी। वो मासूम प्यार की तरह था।  फ़िर मैं काफी समय तक अकेला रहा बिना किसी रिश्ते के। जब तक मैं 23 साल का हुआ, मैं लड़कियों के बारे में सिर्फ कल्पना करता था, और असल ज़िन्दगी में कुछ भी करने से शर्म महसूस करता था," मेरे दोस्त ने समझाया।

अच्छा, तो क्या उसने वो ज़रूरी कुंवारापन खोने के साल खो दिए। "हाँ, और जब मैं 23 साल का हुआ तो वर्जिन होने की वजह से मैं हमेशा शर्म महसूस करता था। मैंने अपने सभी पुरुष दोस्तों से सुना था की वो सब वर्जिन नहीं थे। तो मुझे यह भी लगता था की की महिलाएं शायद मेरी उम्र वाले वर्जिन लड़के के साथ होने अजीब महसूस करें, " उसने कहा।

दुष्चक्र

अपनी इस   पेचिदा  सोच को लेकर, मेरा दोस्त खुलकर बाहर आने वाला वर्जिन था। उसने कभी किसी लड़की की तरफ पहला कदम नहीं बढ़ाया - जो की एक ही तरीका था वर्जिनिटी खोने का - और इसलिए इतने सालों तक वो वर्जिन रहा। तो यह एक दुष्चक्र है।

"और मेरी उम्र बढ़ ही रही थी, कम तो हो नहीं रही थी। चीज़ें बहुत अजीब सी होने लगी। मैं आखिरी बार जिस लड़की से मिला था, उसे लगा की मैं नपुंसक हूँ। उसने इस बारे में मज़ाक भी किया, लेकिन मुझे पता था की मैं उसके करीब नहीं आ रहा था," मेरे दोस्त ने कहा।

ये सुन आकर बहुत बुरा लगा, लेकिन जो चला गया वो तो चला गया। हमें आगे के बारे में सोचना चाहिए। उसकी योजना क्या थी? वो अपना बड़ा, वर्जिन पिटारा आखिर खोलेगा कैसे?

सफ़ेद झूठ

"मैंने इस बारे में बहुत सोचा है और यह चाहे जितना भी अनुचित लगे, मुझे अगली मिलने वाली लड़की से झूठ बोलना पड़ेगा। मुझे मीठा और सरल रहना पड़ेगा। लेकिन मैं अपने आप को कसूरवार नहीं ठहराता। ये सिर्फ सफ़ेद झूठ है जो हम दोनों के लिए अच्छा होगा। शायद यही एक तरीका है," उसने कहा।

लेकिन अगर यह गंभीर हो गया तो और उस लड़की को पता चल गया तो? "मेरी सफलता के दर को देखते हुए, ऐसा होना मुश्किल लगता है। मैं यह सब सोचने में अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहता," उसने कहा!

फोटो: गायत्री पर्मेस्वरण, © Love Matters/RNW

इस लेख में व्यक्त किये गए विचार लव मैटर्स के भी हों, यह आवश्यक नहीं है।

क्या वर्जिनिटी/कुंवारापन खोने की कोई सही उम्र होती है? यहाँ अपने विचार लिखिए या फेसबुक पर हो रही चर्चा में हिस्सा लीजिये।

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