Are guidelines in relationship necesssary?
Ana Blazic Pavlovic

नियम बना देने से रिश्ता बेहतर हो जाएगा क्या?

द्वारा Nehaa Singh Khamboj मार्च 22, 11:25 पूर्वान्ह
क्या सीमाएं निर्धारित करके एक रिश्ते में विश्वास पैदा किया जा सकता है? हमने कुछ युवाओं से पुछा कि अपने पार्टनर के लिए उन्होंने क्या हदें तय की हुई हैंI आगे जानिये उनके जवाब...

'मेरे साथी के शरीर पर सिर्फ़ मेरा हक़ है'

मैंने अपने रिश्ते में किसी तरह की कोई हदें नहीं तय की हैंI मेरा मतलब है कि यह तो सभी को पता ही होना चाहिए कि क्या करना है और क्या नहींI जैसे एक दूसरे को धोखा नही देना हैI क्या यह सच में इतना आसान है! अगर एक दूसरे को बताना पड़े कि क्या सही है और क्या गलत तो फिर ऐसे रिश्ते का फायदा ही क्या हैI

मैं यह मानती हूँ कि बार बार अपने साथी को यह बोलना कि "किसी और के साथ हम बिस्तर नहीं होना है और यह कुछ दिशा निर्देश हैं हमारे रिश्ते के लिए" तो शायद वो निश्चय ही मुझे धोखा दे बैठेगाI मैं तो इस बात पर विश्वास करती हूँ कि मेरे साथी कि आँखें और उसके शरीर के बाकी सब हिस्सों पर केवल मेरा ही हक़ हैI जिस दिन मुझे पता चला कि वो यह सब किसी और के साथ बाँट रहा है तो मेरे लिए यह रिश्ता खत्म!

शाइना लाल* (22), एडवरटाइजिंग स्टूडेंट

'नियम जो 7 बजे के बाद लागू'

जब मैंने फैशन की दुनिया में कदम रखा तो मेरी गर्लफ्रेंड ने मेरे लिए कुछ नियम बना दिएI चीटिंग और कोई भी ऐसी बात जो मुझे उसे धोखा देने की तरफ़ ले जा सकती थी उसकी सख्त मनाही थीI जैसे कि किसी महिला सहकर्मी के घर अकेले जाना या उसे 7 बजे के बाद घर छोड़ना मना थाI अगर कभी इस तरह की कोई 'इमर्जेन्सी' आ गयी तो मुझे उसको फ़ोन कर के बताना होता थाI

शुरू में मेरे लिए यह सब दम घुटने जैसा था पर सच तो यह है कि मैं अपनी गर्लफ्रेंड को धोखा देने के बारे में सोच भी नहीं सकता हूँI समय के साथ शायद यह बात उसको भी समझ आ गयी और उसके नियम क़ानून में भी ढील हो गयीI

दीपक भोजवानी*(23) फैशन एक्सपोर्ट हाउस में इंटर्न

'जायज़ मांगे'

हाँ मैंने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ अपने रिश्ते में कुछ सीमाएं निर्धारित की हैंI जहां तक किसी और के सेक्स करने की बात है तो उसका तो सवाल ही नहीं पैदा होताI किसिंग, शारीरिक स्पर्श और अपनी निजी बातों के बारे में औरों से बात करना भी मेरे लिए चीटिंग ही हैI

मेरे ख्याल से इन बातों के बारे शुरू में ही खुल कर अपने विचार व्यक्त करने में ही भलाई हैI मुझे लगा कि अगर मेरे साथी को पता है कि मेरे लिए चीटिंग क्या है तो वो ऐसा कोई भी काम नहीं करेगी जिससे कि मुझे ठेस पहुंचेI निस्संदेह यह बातें हम दोनों पर लागू होती हैI अगर ऐसा कुछ है जो वो नहीं चाहती कि मैं करूँ तो मुझे भी उसकी बात मानने में कोई दिक्कत नहीं होगीI बशर्तें, उसकी मांगे उचित होI

सुमेर सिंह*(20), स्टूडेंट

'रिश्तो का सर्व्यापक नियम'

अगर आप किसी के साथ रिश्ता शुरू करने जा रहे हैं तो कुछ ऐसे अनकहे नियम हैं जिनका पालन करना आवश्यक है, जैसे कि अपने साथी को धोखा नहीं देनाI यहाँ यह जानना ज़रूरी है कि अलग अलग लोगो के लिए धोखा देने का मतलब अलग होता हैI कुछ लोग अपने साथी की एक रात की गलती या कोई छुपाया हुआ अफेयर भी माफ़ कर देते हैं जबकि कुछ लोगों के लिए फ्लिर्टिंग भी माफी के लायक नहीं होतीI

यह भी कहना मुश्किल है कि चीटिंग क्या हैI मेरे लिए ज़रूरी है कि मेरा दिल क्या कहता है और मैंने हमेशा उसी की सुनी हैI रिश्तों में सीमाएं निर्धारित करना मेरे बस की बात नहीं फिर चाहे वो चीटिंग को ही लेकर क्यों ना होI

डेनिस ब्रगांजा*(25), बी पी ओ में कार्यरत

साइबर चीटिंग

अब मुझे पता है कि मुझे अपने पति के लिए क्या नियम बनाने हैंI मेरा पहला बॉयफ्रेंड मेरे साथ रिश्ते में रहते हुए किसी और को भी डेट कर रहा था और जैसे ही मुझे इस बारे में पता चला मैंने उसे छोड़ दियाI

मेरी दूसरी रिलेशनशिप थोड़ी और ज़्यादा पेचीदा थीI वो इंटरनेट पर बहुत सारा वक़्त बिताता था, कभी गेम्स खेलते हुए तो कभी लोगों से चैटिंग करते हुएI एक बार जब मैंने उसके ऑनस्क्रीन अवतार को एक दूसरी लड़की के साथ सेक्स करते हुए पकड़ा तो उसका कहना था कि यह चीटिंग नहीं है क्यूंकि उसमे कुछ भी शाररिरिक तौर पर या असलियत में नहीं हो रहाI उसके बाद मुझे पता चला कि वो चैट रूम्स में और भी लड़कियों के साथ बात करता है और उनके साथ साइबर सेक्स में भी लिप्त हैI

मेरे लिए उतना काफ़ी थाI मैं किसी भी ऐसे व्यक्ति के साथ रिश्ता नहीं रखना चाहती जो असलियत में या इंटरनेट पर मेरे साथ धोखा करता हैI

इन्निका शर्मा*(25), सूस शेफ

एक का चुनाव करो

मेरे पुराने बॉयफ्रेंड की एक दोस्त थी जो वक़्त-बेवक़्त उसको फ़ोन करती रहती थीI शुरू में मैनें कुछ नहीं कहा लेकिन धीरे धीरे मुझे उसका हर बात के लिए मेरे बॉयफ्रेंड को फ़ोन करना परेशान करने लगाI

एक बार मैं और मेरा बॉयफ्रेंड सेक्स कर रहे थे जब उस लड़की का फ़ोन आया और उसने मेरे बॉयफ्रेंड को तभी घर आने के लिए कहाI ऐसा नहीं था कि वो मरने वाली थी लेकिन मेरा बॉयफ्रेंड उठा और मुझे उन्ही हालातों में छोड़कर चला गयाI

मेरे लिए यह किसी धोखेबाज़ी से कम नहीं थाI मैंने उसी दिन उस से रिश्ता तोड़ दिया और अब मैं यह ध्यान रखूंगी कि मेरे होने वाला साथी ऐसे किसी भी 'चेप' के साथ ना आयेI

सना रिज़वी*(22), मेक-उप आर्टिस्ट

*गोपनीयता बनाये रखने के लिए, नाम बदल दिए गए हैं

क्या आपके रिश्ते में भी किसी प्रकार की सीमाएं हैं? हमें नीचे टिप्पणी करके या फेसबुक के ज़रिये बताएंI 

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