जून पूरी दुनिया में प्राइड मंथ के रूप में मनाया जाता हैं। यह महीना हैं खुशियों का, एकता का और धरती को इंद्रधनुषी रंगो से भरने का। क्या आपने कभी सोचा है कि इसका मतलब क्या है और इसकी शुरूआत कैसे हुई? आइए जानते हैं।
अर्नव अपनी पहचान को ले कर हो रहे उत्पीड़न और मजाक से थक चुका था। एक दिन उसने अपनी सच्चाई पूरी क्लॉस के सामने बता दी। आगे क्या हुआ? अर्नव ने अपनी कहानी गेलेक्सी वेबसाइट के साथ साझा की।
सोनाली विकलांग है। उषा आंटी उसकी सभी शारीरिक ज़रूरतों को पूरा करने में उसकी मदद करती हैं। लेकिन लॉकडाउन होने के बाद उषा आंटी अब उसके घर नहीं आ पा रही हैं। फिर सोनाली ने अपनी लाइफ कैसे मैनेज की? उसने लव मैटर्स इंडिया के साथ अपनी कहानी शेयर की।
मुझे अपने बॉयफ्रेंड के रूप में कोई केयरटेकर नहीं चाहिए। जिस आदमी को मैं अपने लिए चुनूँ, वह मुझे प्यार और आदर दे , मेरी यही चाहत है। मुझे रूमानी डेट्स पर जाना, फूल, मूवी, हाथों में हाथ डाले घूमना, एक दूसरे से लिपटना, चूमना प्यार में ये सब चाहिए था। यह समझना लोगों के लिए इतना मुश्किल क्यों है कि जो भी उन्हें चाहिए हो सकता, वही मैं भी चाहती हूँ। उसी तरह प्यार में पड़ना और प्यार पाना। ये बातें सृष्टि ने राइज़िंग फ्लेम से कहीं।
हम एक विकलांग, क्वियर और ट्रांस कपल हैं। हमें अपने अस्तित्व के लिए रोज़ समाज से लड़ना पड़ता है। हमें मालूम है कि न्यूक्लियर फेमिली (एकल परिवार) की मान्यता को मानने वाला यह समाज हमारे रिश्ते को कभी स्वीकार नहीं करेगा। हमारी कहानी वैसी नहीं है जैसा आप बॉलीवुड फिल्मों में देखते हैं। हमारी पहली डेट पर सबसे अच्छी चीज़ ये थी कि हमने एक दूसरे के संघर्षों और अनुभवों का बहुत सम्मान किया। शिवांगी ने राइजिंग फ्लेम के साथ अपनी कहानी साझा की।
इंडिया को उसका पहला समलैंगिक रोमकॉम मिल गया है और नए राज और सिमरन भी - यानी अमन और कार्तिक! लव मैटर्स इसके निर्माताओं को सुपर से भी ऊपर वाली शाबासी देता हैं और इस फिल्म को तीन विशाल लव मैटर्स दिल!
अर्णव को बिलकुल भी मालूम नहीं था कि उसे काव्या कितना पसंद करती थी. उसके दिल का एक हिस्सा चाहता था कि अर्णव को इस बारे में तब ही बता दे जब वो लंच ब्रेक में पानी की बोतल लेने आया था, पर किस चीज़ ने काव्या को ऐसा करने से रोक लिया था? उन्होंने अपनी कहानी राइजिंग फ्लेम से साझा की।