18 + के लिए उचित

एक बेहतर सेक्स जीवन की और कैसे कदम बढ़ाएं

Nobody wants a stale sex life
चाहे आप किसी के साथ काफ़ी समय से हैं या एक नया रिश्ता जुड़ा है, सेक्स के बारे में बात करना अच्छा है। कभी-कभी हम कुछ नया करना चाहते हैं और उसके लिए बात करना ज़रूरी है। छोटे-छोटे बदलाव भी बड़ी खुशियाँ दे देते हैंI
  •  पहले इस बात पर गौर करें कि आपको अपने साथी कि कौनसी बात पसंद हैI क्या वो बेहतरीन चुम्बन देने में माहिर हैं? क्या वो मुखमैथुन में पारंगत हैं? पहले उनकी खूबियों के बारे में बात करें और फ़िर बात आगे बढ़ाएं। उदाहरण के तौर पर:

            'मुझे बहुत मज़ा आता है जब तुम मुझे किस करते हो। क्या तुम मेरी गर्दन पर भी अपने होठों का जादू बिखेर सकते हो?'

           'वैसे तो तुम जब नीचे जाते हो तो मैं बदहवास सी/सा हो जाती/जाता हूँ लेकिन मैं सोच रहा/रही था/थी कि मज़ा आएगा अगर....

  • समय लें- अपने सारे सुझाव और शिकायतें एक ही बार में अपने साथी के सामने मत रखेंI धीरे-धीरे अपने विचार प्रस्तुत करें। इस तरीके से आप एक-एक कर के उन्हें आजमा कर देख सकते हैं और आप यह भी जान पाएंगे कि आप दोनों के लिए या सबसे बढ़िया है। इसके अलावा इस बात का अंदाजा तो आपको भी नहीं होगा कि साथ मिलकर आप दोनों और क्या-क्या रोमांच के पिटारे खोल सकतें हैंI
  •  धीरे-धीरे कदम बढ़ाएं- नयी चीज़ें आजमाना अच्छी बात है लेकिन धीरे-धीरे कदम बढ़ाएं आप एक पंख के सहारे अपने साथी को गुदगुदी का एहसास करा सकते हैं और अगर आप दोनों को ही इसमें मज़ा आएं तो अगली बार आँखों पर पट्टी बाँध कर सेक्स के इस खेल का मज़ा लें सकते हैं। इस चीज़ का ख्याल रखें कि जो भी हो रहा उसमें आपके साथी को भी मज़ा आ रहा हैI
  •  जब बात हो बैडरूम में बदलाव करने की तो इस बात पर ज़रूर गौर कर लें कि आप कैसे चाहेंगे कि आपका साथी इस बारे में आपसे कैसे बात करेंI उनसे पूछ लें कि आप किस तरह उनसे बात करें जिससे उन्हें बुरा न लगें और वो परेशान ना होI

Woman with her loverMaxFX
  • - कुछ ऐसे प्रस्ताव रख सकते हैं जो काम आप दोनों साथ कर सकें। आप कुछ ऐसे बात शुरू कर सकते हैं, 'मैं सोच रहा था/थी कि हम कुछ ऐसा क्यों ना करें...'
  • - यह जानने की कोशिश करें कि जो आप कर रहे हैं उससे आपका साथी खुश है या नहीं और उन्हें भी कुछ नए सुझाव रखने का पूरा मौक़ा दें। जैसे कि:

           'जब हम सेक्स कर रहे होते हैं तो तुम्हे सबसे अच्छा क्या लगता है?'

          "क्या मेरा .....करना तुम्हे पसंद आएगा?'

          - 'तुम्हें क्या लगता है? क्या हम कुछ अलग कर सकते हैं?'

  • उनका मार्गदर्शन करें। क्यूंकि आपका साथी आपका दिमाग नहीं पढ़ सकता तो वो यह नहीं जान पायेगा कि आपके मन में क्या चल रहा है। इसलिए आपको उसकी मदद करनी होगी। उदाहरण के तौर पर आप उनके हाथ और मुँह को उन ख़ास 'जगहों' का रास्ता दिखा सकते हैं और उनके पास भी यह अवसर होना चाहिए कि ज़रूरत पड़ने पर वो भी आपका मार्गदर्शन कर सकेंI

          'मुझे बड़ा मज़ा आता जब तुम मुझे छूते होI और अच्छा होगा अगर तुम्हारा स्पर्श हल्का/तेज़/धीरे होगा'