Love Matters के एक रीडर बताते हैं, “करीब 20 साल में मुझे ऑर्गैज़्म तक पहुंचने में धीरे-धीरे ज्यादा समय लगने लगा। साल 2006 तक ऐसा हो गया कि एक घंटे तक सेक्स करने के बाद भी मुझे ऑर्गैज़्म नहीं हुआ।”
एक दूसरे उम्रदराज़ रीडर का अनुभव भी कुछ ऐसा ही है। वे कहते हैं, “40 साल की उम्र तक मुझे लगा कि सेक्स का मज़ा पहले से कम हो गया है। अब 60 से ज्यादा उम्र में सेक्स के दौरान एक घंटे बाद भी मुझे ऑर्गैज़्म नहीं होता इसलिए अब हम सेक्स नहीं करते।”
विशेषज्ञों के मुताबिक, खतना करवाने वाले कुछ पुरुषों को सेक्स के दौरान ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
कम संवेदनशीलता
विशेषज्ञ कहते हैं, “खतना करवाने से जुड़ी कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं और ये जीवन के अलग-अलग समय पर सामने आ सकती हैं। अक्सर कहा जाता है कि खतना करवाने से बहुत कम परेशानियां होती हैं, लेकिन यह बात सिर्फ शुरुआत के समय को देखकर कही जाती है।”
अगर खतना सही तरीके से किया जाए, तो शुरुआत में होने वाली परेशानियां, जैसे खून आना या इंफेक्शन बहुत कम होता है और आमतौर पर गंभीर नहीं होती।
लेकिन लिंग के ऊपरी हिस्से को ढकने वाली त्वचा (फोरस्किन) ना होने की वजह से समय के साथ वहां की त्वचा मोटी और कम संवेदनशील हो सकती है। इससे लिंग की संवेदनशीलता धीरे-धीरे कम हो सकती है।
शुरुआत में यह कुछ पुरुषों के लिए फायदेमंद लग सकता है क्योंकि कई युवा पुरुषों को जल्दी ऑर्गैज़्म होने की परेशानी होती है, लेकिन समय के साथ लंबे समय तक सेक्स करने पर भी पहले जैसा ऑर्गैज़्म महसूस ना हो, ऐसा हो सकता है। इसका असर पार्टनर पर भी पड़ सकता है।
सेक्स बहुत जल्दी खत्म होना
आमतौर पर कहा जाता है कि महिलाओं के लिए सेक्स बहुत जल्दी खत्म हो जाता है। कुछ ही देर बाद पुरुष का ऑर्गैज़्म हो जाता है और सेक्स खत्म हो जाता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ज्यादा देर तक सेक्स करना ही बेहतर है। Love Matters की एक महिला रीडर के मुताबिक, अच्छे सेक्स में समय से ज्यादा जरूरी आराम और आपसी सहमति है।
वे कहती हैं, “मुझे बहुत देर तक चलने वाला सेक्स पसंद नहीं है।”
कुछ रीडर्स के मुताबिक, खतना करवाने वाले पुरुषों को ऑर्गैज़्म तक पहुंचने में ज्यादा समय लग सकता है। इस वजह से सेक्स लंबे समय तक चल सकता है, जो पार्टनर के लिए असहज या दर्दनाक हो सकता है।
एचआईवी
हर साल लाखों पुरुष धार्मिक या साफ-सफाई की वजहों से खतना करवाते हैं लेकिन इससे जुड़ी दूसरी परेशानियों को देखते हुए, क्या इस बारे में दोबारा सोचने की जरूरत है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, खतना करवाने से पुरुषों में HIV होने का खतरा करीब 60% तक कम हो सकता है। WHO, HIV और AIDS से बचाव के एक तरीके के तौर पर पुरुषों के खतने का समर्थन करता है।
खुद निर्णय करना बेहतर
विशेषज्ञ कहते हैं कि इस बात के पीछे मौजूद वैज्ञानिक सबूतों पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता। कुछ दूसरी रिसर्च में भी खतना और HIV से बचाव के बीच कोई सीधा संबंध नहीं मिला है।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि लंबे समय तक तेज़ सेक्स करने से महिला की योनि में दर्द या जलन हो सकती है। इससे इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है।
जागरूकता
देखा जाए, तो जो वैज्ञानिक खतने से जुड़ी संभावित परेशानियों के बारे में बात करते हैं, उन्हें अक्सर आलोचना का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि खतना करवाने वाले पुरुषों को ऑर्गैज़्म तक पहुंचने में ज्यादा परेशानी हो सकती है।
खतने के पक्ष में HIV से बचाव और धार्मिक कारणों की बातें ज्यादा होती हैं लेकिन सेक्स से जुड़ी परेशानियों के बारे में कम बात की जाती है।
विशेषज्ञ कहते हैं, “लोगों को इस बारे में बहुत कम जानकारी है। मेरा मानना है कि खतना करवाने से पहले लोगों को इससे जुड़ी सभी जरूरी बातें पता होनी चाहिए, ताकि वे सोच-समझकर फैसला ले सकें।”
क्या आपके मन में प्यार, सेक्स या रिश्तों से जुड़े सवाल हैं? बस WhatsApp पर +91 9897944799 पर “Hi” भेजें और अपने सवालों के जवाब पाएं।