my vagina is very loose
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क्या सेक्स करने से योनि ढीली हो जाती है ?

योनि ढीली होने और इसे टाइट करने के तरीकों के बारे में अक्सर हमारे पाठक हमसे सवाल पूछते हैं। क्या सेक्स करने से योनि का आकार प्रभावित हो सकता है? क्या आकार में बदलाव या कम लचीलापन यौन सुख को प्रभावित करता है? यदि हां, तो कैसे? आइए इन मिथकों से जुड़े सच को जानते हैं।

योनि क्या है?

सेक्सुअल एक्टिविटी या अन्य फैक्टर योनि के लचीलेपन या कसाव को कैसे प्रभावित करते हैं, यह समझने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि योनि क्या है और क्या नहीं है। आमतौर पर महिलाओं के जननांग के लिए योनि शब्द का प्रयोग किया जाता जबकि वास्तविकता में यह इसका एक छोटा सा हिस्सा होता है।

योनि एक मांसपेशियों  से बना एक द्वार  है जो महिलाओं के जननांग के बाहरी हिस्सों (जिसमें क्लिटोरिस, लेबिया और पेरिनेम शामिल हैं) को सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) से जोड़ती है। यह एक ट्यूब जैसी लचीली संरचना होती है जो ज़रूरत के अनुसार फैलती और सिकुड़ती है।

योनि कैसे लचीली होती है और क्यों?

योनि की मांसलता और संरचना इस प्रकार बनी होती है जिससे आसानी से इसमें लिंग प्रवेश कर सके और प्रसव के दौरान यह फैल सके। योनि की यही विशेष क्षमता प्रसव के दौरान मदद करती है। योनि का यह लचीलापन महिलाओं के लिए टैम्पोन, मेंस्ट्रुअल कप, सेक्स टॉयज का आसानी से इस्तेमाल करने में भी मदद करता है। 

यौन क्रिया के दौरान, योनि आधा इंच से दो इंच तक चौड़ाई में फैल सकती है। योनि के आकार में यह बदलाव महिला की उत्तेजना के कारण होता है। खून का प्रवाह बढ़ने के कारण योनि के अंदरूनी हिस्से में  चिकनाई आ जाती हैं और लिंग को रास्ता देने के लिए मांसपेशियां हल्की ढीली हो जाती हैं। एक बार लिंग अंदर जाने के बाद, सेक्स का आनंद बढ़ाने के लिए ये मांसपेशियां फिर से टाइट हो जाती हैं।

चूंकि इन मांसपेशियों को फैलने और सिकुड़ने में समय लगता है, इसलिए लंबे समय तक फोरप्ले करना चाहिए ताकि पेनिट्रेटिव सेक्स के मामले में दोनों पार्टनर को खूब मजा आए।

क्या लंबे समय तक सेक्स करने से योनि ढीली हो सकती है?

सेक्स करने से योनि ढीली जरूर होती है लेकिन हमेशा के लिए नहीं। जब महिला की उत्तेजना खत्म हो जाती है, तो योनि अपने मूल आकार में वापस सिकुड़ जाती है। डॉक्टर और मेडिकल एक्सपर्ट दोनों इस बात से सहमत हैं कि रोजाना सेक्स करने से योनि की संरचना में कोई स्थायी परिवर्तन नहीं होता है। जब तक आप सेक्स के दौरान कुछ बहुत ही असामान्य चीज ना कर रहे हों तब तब इसके आकार या मांसपेशियों के कसावट में किसी भी स्थायी परिवर्तन की संभावना नहीं होती है।

फिर भी, बहुत से लोगों को लगता है कि उनके पार्टनर की योनि एक बार सेक्स के बाद पहले की अपेक्षा ढीली हो गई है, या पहले जैसी नहीं रह गई है । ऐसा इसलिए होता है क्योंकि योनि के मुख को कवर करने वाली पतली ऊतक वाली झिल्ली यानी हाइमन पहली बार सेक्स करने पर टूट जाती है। लेकिन हाइमन के टूटने से योनि कैनाल बड़ी नहीं होती है।

बल्कि इससे अंदर और अधिक जगह खाली हो जाती है, जिससे आसानी से लिंग अंदर जाने लगता है और इस वजह से आपको लगता है कि योनि ढीली हो गई है। हालांकि, यही एकमात्र कारण सच नहीं है, क्योंकि खेल से जुड़ी गतिविधियों या टैम्पोन के इस्तेमाल के कारण यौन रूप से एक्टिव न रहने वाली महिलाओं का भी हाइमन टूट सकता है।

तो क्या इसका मतलब है कि योनि कभी ढीली नहीं हो सकती?

नहीं। योनि का लचीलापन खत्म हो सकता है और वह ढीली हो सकती है, लेकिन ये बदलाव केवल दो कारकों से हो सकते हैं - प्रसव और उम्र।

प्रसव

योनि से प्रसव, योनि की संरचना को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है। दरअसल, योनि की मांसपेशियां गर्भाशय से योनि के द्वार तक बच्चे की गति को सुविधाजनक बनाने के लिए अपनी अधिकतम सीमा तक फैलती हैं।

चूंकि इस फैलाव  इतना अधिक होता है कि योनि की मांसपेशियों को फिर से टाइट होने में कुछ समय लग सकता है। फिर भी, वह अपने मूल शेप में वापस नहीं आ पाती है। कई बार प्रसव होने के बाद योनि की मांसपेशियां कमजोर और कम लचीली हो सकती हैं।

उम्र

महिलाएं जब 40 या इससे अधिक उम्र की होने पर पेरिमेनोपॉज़ल स्टेज में प्रवेश करती हैं तब भी उन्हें अपने योनि के लचीलेपन में बदलाव दिखने लगता है। यह शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर में गिरावट के कारण होता है। इसके कारण, योनि की मांसपेशियों के ऊतक पतले, कम लचीले, शुष्क और कम अम्लीय हो जाते हैं। मेनोपॉज होने पर ये परिवर्तन अधिक स्पष्ट नजर आते हैं।

योनि के ढीलेपन को रोकने के लिए क्या किया जा सकता है?

क्या योनि के कसाव को बनाए रखने के तरीके हैं? योनि की मांसपेशियों का लचीलापन खत्म होने के बाद भी क्या ये फिर से पहले जैसी हो सकती हैं? हां, ऐसा संभव है। लेकिन इससे पहले कि आप इसके लिए कोई उपाय आजमाएं उससे पहले यह  सोच लें कि क्या आपको वास्तव में इसकी जरूरत है। योनि की मांसपेशियों के ऊतक बेहद लचीले होते हैं और प्रकृति द्वारा तय की गई हर चीज को सहन करने के लिए बने होते है - जिसमें बच्चे के जन्म जैसी खतरनाक और जटिल प्रक्रिया शामिल है।

फिर भी, यदि आप योनि के लचीलेपन को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त उपाय करने की जरूरत महसूस करती हैं, खासकर बढ़ती उम्र के साथ, तो इसके लिए कई अलग-अलग विकल्प हैं और इनमें से अधिकांश के लिए किसी भी तरह की चिकित्सकीय मदद की आवश्यकता नहीं है:

  • कीगल एक्सरसाइज: पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों के लिए क्लेंच और रिलीज एक्सरसाइज योनि की मांसपेशियों के लचीलेपन को बनाए रखने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। इस एक्सरसाइज में मुख्य रूप से पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सिकोड़ना, उन्हें 5 से 10 सेकंड तक रोककर रखना और फिर छोड़ना शामिल है। प्रसव के बाद और मेनोपॉज के करीब पहुंच चुकी महिलाओं को विशेषरूप से यह एक्सरसाइज करनी चाहिए।

 

  • अच्छा यौन जीवन: लोकप्रिय मिथक के विपरीत कि सेक्स योनि की मांसपेशियों को ढीला कर सकता है, एक अच्छा यौन जीवन योनि के लचीलेपन को बनाए रखने में कीगल एक्सरसाइज के जैसे ही प्रभावी है। सेक्स से पहले फैलना और ऑर्गेज्म के दौरान महिलाएं सिकुड़ने का अनुभव करती हैं जो योनि की मांसपेशियों को मजबूत करने में बेहतर काम करता है।

 

  • नियमित स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज: स्क्वैट, पेल्विक स्ट्रेच, ग्लूट ब्रिज और लेग राइज जैसी एक्सरसाइज भी पेल्विक मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं, और योनि की मांसपेशियों के लचीलेपन को बनाए रखती हैं।

 

  • वजाइनल वेट: यदि आपकी योनि की मांसपेशियां ढीली हो गई हैं और अपनी मौजूदा लचीलापन खो रही हैं, तो वेजाइन वेट (जिसे वेजाइनल कोन भी कहा जाता है) का इस्तेमाल करें. यह प्रतिरोध के माध्यम से मजबूती को दोबारा बनाने में प्रभावी हो सकता है। टैम्पोन के आकार के इन बल्बों को योनि में डाला जाता है और इन्हे अपनी जगह बनाये रखने के लिए जाता है मांसपेशियों को सिकोड़ना पड़ता है जिससे ये योनि की मांसपेशियों में मजबूती आती है। मजबूती बढ़ाने के लिए, कोन के वजन को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है।

 

  • वजाइनोप्लास्टी: विशेष मामलों में, प्रसव या उम्र बढ़ने के कारण योनि में ढीलेपन को ठीक करने के लिए वजाइनोप्लास्टी नाम की सर्जिकल प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, यह प्रक्रिया किसी भी तरह से यौन संवेदनशीलता को बढ़ाने, प्रतिक्रिया या इच्छा की गारंटी नहीं देती है, क्योंकि ये हार्मोन, भावनात्मक स्थिति और साथ ही पारस्परिक संबंधों के स्वास्थ्य जैसे कई अन्य कारकों द्वारा नियंत्रित होते हैं।

महिला को जीवन में कभी न कभी अपनी योनि की मांसपेशियों में ढीलेपन का अनुभव हो सकता है। इस संभावना के बारे में जागरूकता ही इसका सामना करने का सबसे प्रभावी तरीका है। अपनी जीवनशैली में शुरुआत से ही सही एक्सरसाइज को शामिल करने से यह संभावना तेजी से कम हो सकती है। जहां तक ​​नियमित सेक्स की बात है, तनाव मुक्त इसका आनंद लें। उस हिसाब से योनि भी आपका साथ देगी।

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आरुषि चौधरी एक फ्रीलैंस पत्रकार और लेखिका हैं, जिन्हें पुणे मिरर और हिंदुस्तान टाइम्स जैसे प्रिंट प्रकाशनों में 5 साल का अनुभव है, और उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रिंट प्रकाशनों के लिए लगभग एक दशक का लेखन किया है - द ट्रिब्यून, बीआर इंटरनेशनल पत्रिका, मेक माय ट्रिप , किलर फीचर्स, द मनी टाइम्स, और होम रिव्यू, कुछ नाम हैं। इतने सालों में उन्होंने जिन चीजों के बारे में लिखा है, उनमें से मनोविज्ञान के प्रिज्म के माध्यम से प्यार और रिश्तों की खोज करना उन्हें सबसे ज्यादा उत्साहित करता है। लेखन उनका पहला है। आप आरुषि को यहां ट्विटर पर पा सकते हैं।

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