18 + के लिए उचित

चुम्बन को लेकर हु-हल्ला!

Guy next door
बीते हफ्ते मैंने सार्वजानिक स्थानों पर प्रेम प्रदर्शन के बारे में अपनी राय व्यक्त की और बदले में मेरी राय से नाराज़ महिलाओं की क्रोधपूर्वक टिप्पणियों की बौछार सी हो गयी। उनके अनुसार असली परेशानी सार्वजानिक स्थान नहीं बल्कि चुम्बन है। या शायद चुम्बन की गुणवत्ता।

तो स्वागत है आपके इस 'यमला पगला दीवाना' की चुम्बन की कुंजी में। शायद आपको लगे की आज का लेख पड़ोस वाली लड़की के लिए महतवपूर्ण है, लेकिन असल में यह आपके जीवन को बेहतर बनाने के लिए है।

तो आम राय यह है की लड़कों को चुम्बन में अधिक रुची नहीं है। उन्हें खेलने के लिए स्तन मिल जाये तो फिर वो चुम्बन के बारे में भूल जाना ही पसंद करते हैं। लेकिन पिछली रात को बीयर पीते हुए बातचीत करने से कुछ और सामने आया, जो की इस सोच से अलग है।
ज़्यादातर पुरुषों ने यह स्वीकारा है की सेक्स का का सच्चा मज़ा है अपने साथी को आनंद देने में और इसके बदले में आपको आनंद ही मिलता है। तो शायद ऐसा नहीं है की पुरुषों को चुम्बन पसंद नहीं, शायद अच्छे चुम्बन की कला से वो दूर है।

इस हुनुर को तराशें

आइये हम अतीत में जाकर अपने पहले चुम्बन को याद करें। आपका वो पहला यादगार चुम्बन। मेरा पहला चुम्बन सिनेमा घर की आगे वाली कुर्सी पर था, एक लड़की के साथ जिसका नाम लेना अनुचित होगा क्यूंकि अब वो स्टार न्यूज़ चैनल पर एक कार्यक्रम की प्रेसेंटर है।


संभव है की मेरी तरह, आपके पहले चुम्बन की पहल भी लड़की की ओर से हुई हो, और आपने सिर्फ साथ दिया हो, और अभ्यास के साथ आप इस कला में निपुण हो गए हों। हाँ, हो सकता है की आप एक से अधिक बार चरम आनंद दे पाने का कौशल रखते हों, लेकिन शायद यह उस अच्छे चुम्बन के बिना संभव नहीं।

धीरे धीरे

तो जो लोग अभी तक हमारी इस चर्चा से अनभिज्ञ हैं, उन्हें बता दूँ की इस सम्बन्ध में कुछ आधारभूत बातें ज़रूरी हैं। जैसे की सही गति इस कला का सार है। जल्दबाजी ना करें, इससे खुद ब खुद होने दें। हलकी बातचीत या छुअन से शुरुवात होने दें। लेकिन बहुत ज्यादा बातें भी नहीं।

जी हाँ, हम सभी ने फिल्मों में नायक को गुस्से वाली बहस के बीच में यकायक नायिका को एक गहरा चुम्बन देते हुए देखा है। मैं यह नहीं कह रहा की ऐसा होना संभव नहीं, लेकिन ये सिर्फ आपको थकाने जैसा है।

तो ज़रा गति कम करें। रुकें। गहरी सांस लें। आँखों में आँखें डालें। और अपने सर को एक अतार्फ़ हल्का सा झुका लें। अगर वो भी आपको ऐसे ही देखती है तो आगे बढें। उसके बालों से खेलिए। अगर वो भी आपके बालों को सहलाये तो यह और अच्छा है। असल में, कामुकता के इस एहसास को बंधवा दें।
 
गहराई

अपने होंठों को सिलए मत। स्वाभाविक रहिये। कुछ पल में उसकी आँखें आपको उसके मन का हाल बता देंगी। और अगर आपको लगे की वो आगे बढ़ने को तैयार है तो अगले चुम्बन को और गहरा बनाने का समय आ गया है।

और अब ज़रूरी अंश, अपनी जीभ को काबू में करें। हमें अब तक नहीं पता की वो क्या चाहती है, तो उससे ही पहल करने दें। चुम्बन होंठों की क्रिया है, लेकिन इन गहराईयों को टटोलने के लिए सही समय का इंतज़ार करना ज़रूरी है।

यदि तापमान बढ़ने लगे

आपके हाथों की गतिविधि भी अत्यंत ज़रूरी है। मैं जनता हूँ की आप ब्रा का हुक खोलने के लिए बैचैन हैं। लेकिन मेरे गदाधारी भीम शांत! एक हाथ स्थिर रखे और दूसरे हाथ से उसे प्यार से छु लें। शुरुवात के लिए सिर्फ पीठ पर। लेकिन यदि तापमान बढ़ने लगे तो आप अपना हाथ आगे की ओर ला सकते हैं। यह सलाह सिर्फ शुरुवात के लिए है। चूँकि कोई भी दो लड़कियां एक जैसी नहीं होती, तो तुरंत सफलता की गारंटी नहीं है। लेकिन अभ्यास के साथ आप समझनें लगेगे। अपने साथी को, उसके होंठों को और उसकी पसंद को।

और मेरे प्यारे दोस्तों, उसके बाद आप वाकई चुम्बन का लुत्फ़ उठाने लगेंगे। तो किशोरावस्था में कामुक फिल्मों से सीखी गयी उस तकनीक को भूल जाइये। अपनी गलती पर ध्यान दीजिये और फिर आनंद ही आनंद।

 

फोटो: कुबेर शर्मा © Love Matters/RNW

इस लेख में व्यक्त विचार RNW के भी हों, यह आवश्यक नहीं।

क्या बेहतर चुम्बन के लिए आपके पास अपनी कोई सलाह है? यहाँ अपने विचार लिखें या फेसबुक पर इस चर्चा में हिस्सा लें।

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