18 + के लिए उचित

मैंने उसे भगाने में मदद करी

A friend of mine said
मैंने प्रेमी के साथ भाग जाने वाले किस्से सिर्फ बोलीवूड की फिल्मों में ही देखी है। लेकिन पिछले हफ्ते, मैं हिस्सा बनी एक पूरी बोलीवूड स्टाइल प्रेमी के साथ भागने वाली घटना का - जी हाँ, मैंने एक युगल को शादी कराने में मदद की।

होने वाली दुल्हन एक शाम मेरे पास आयी और बोली, "मेरे माता पिता को मेरे प्रेमी के बारे में पता चल गया है। क्या तुम मेरी मदद करोगी?" और यहाँ से ये रोमांचक यात्रा शुरू हुई। और ख़तम हुई इस युगल के शादी के बंधन में बंधने के साथ - आज वो कानूनी तौर पर शादी शुदा हैं

रहस्यात्मक

मैं जोधपुर, राजस्थान घुमने गयी हुई थी और वहां पर मेरी मुलाकात उस लड़की से हुई। मैं जिस हॉस्टल में टहरी थी वो उसके माता पिता का था और वो वह की संचालक थी। मेरे वहां रहने के कुछ दिनों तक उस लड़की के साथ थोड़ी बहुत ही बातचीत हुई।

लेकिन एक शाम, वो आई और उसने मुझे रहस्यात्मक ढंग से बताया, "मेरे परिवार को मेरे प्रेम सम्बन्ध के बारे में पता चल गया है। मुझे तुम्हारी मदद चाहिए। क्या मैं अपने बॉय फ्रेंड को फ़ोन करने के लिए तुम्हारे फ़ोन का इस्तेमाल कर सकती हूँ?"

प्यार के खिलाफ

क्यूँ नहीं, मैंने उसे कहा की वो जब चाहे मेरा फ़ोन इस्तेमाल कर सकती है। मैंने फ़ोन पर उसकी डरी हुई आवाज़ सुनी। वो अपने बॉय फ्रेंड से कह रही थी, "मैं यहाँ ज़यादा दिन नहीं रह सकती। दिन-ब-दिन मुश्किलें बढती जा रही है। आज मेरे पिता मुझ पर बहुत ज्यादा नाराज़ हुए जब उन्हें हमारे प्रेम के बारें में पता चला। मुझे यहाँ से बाहर निकलना ज़रूरी है, " उसने गिडगीडाते हुए कहा।

मैंने उसे सहानुभूति दी। लेकिन उसके माता पिता उसके प्यार के खिलाफ क्यूँ थे? "क्यूंकि वो बहुत रुढ़िवादी है। मेरा बॉय फ्रेंड मुझसे उम्र में छोटा है और सबसे बड़ी बात यह है की मेरे पिता प्यार के बिलकुल खिलाफ है," उसने फ़ोन रखते ही मुझे ये सब बताया।

प्रेमी के साथ भाग जाना

ये सब बड़ा कमीनापन लग रहा था। किस तरह का इंसान प्यार के खिलाफ जाता है? "मेरी बहिन कुछ ९ साल पहले अपने प्रेमी के साथ भागी थी और आज तक मेरे पिता उस से बात नहीं करते है। वो आज तक घर नहीं लौटी है," उस लड़की ने मुझे समझाया। "अब, मुझे भी वही करना है। क्यूंकि ये नहीं किया तो मैं अपने बॉय फ्रेंड से कभी भी शादी नहीं कर पाऊँगी।"

उसने मुझे बताया की कैसे उसने भागने का पूरा इंतज़ाम किया हुआ था। " मैं घर में ऊपर वाले कमरों में जाओंगी और फिर घर के पिछवाड़े से भाग जाओंगी। मैं अपने बॉय फ्रेंड से शहर के बाहर मिलोंगी। हम जल्दी से शादी करेंगे और अपने शादी का पंजीकरण करा लेंगे," उसने बताया।

पुलिस

लेकिन ये सब इतना आसान नहीं था। आने वाली परेशानियों को पहले से ही आंक लिया था। "मेरे पिता मेरे न मिलने के आधे घंटे में ही पुलिस को इतला कर देंगे। इसलिए मुझे जल्दी से जल्दी शादी करनी पड़ेगी और जब तक हमारी शादी का पंजीकरण हमारे हाथ नहीं आता, तब तक कुछ दो या तीन दिन के लिए हमें शहर से बाहर रहना पड़ेगा। एक बार शादी का पंजीकरण प्रमाण-पत्र हाथ आ जाए तो कोई मुझे नुक्सान नहीं पंहुचा सकता।"

ये बहुत हिम्मत वाली बात थी। लेकिन ये मुझे बहुत दुर्भाग्यवश भी लगा - एक भगोड़े की तरह दिखना जबकि वो ज़िन्दगी की सबसे खूबसूरत चीज़ करने जा रही थी। "शायद, हर कोई इतना भाग्यशाली नहीं होता। लेकिन हमारे पास ये सोचकर दुखी होने का समय नहीं है। क्या तुम मेरे लिए एक साड़ी खरीदकर अपने कमरे में छुपा लोगी?"

जोखिम भरा

हाँ, मुझे दुल्हन की साड़ी खरीदने में बहुत मज़ा आया और बाकि सब में भी! अगले दो दिन हमने बाकी सारी तैयारिया करी और मैंने शहर छोड़ा सबसे ज़रूरी चीज़ के लिए - प्रेमी के साथ भागकर शादी करने के लिए। 

एक दिन बाद, उसने मुझे फ़ोन किया अपनी शादी की खबर देने के लिए। उफ़, मैंने सोचा। "अभी तक कोई परेशानी वाली बात नहीं हुई। मेरे पिता जी के लिए यह बहुत शर्मनाक बात हुई है लेकिन मैं क्या करती?" उसने कहा। तो कैसा लग रहा है शादी करके, मैंने उस से पूछा। "मुझे विश्वास ही नहीं हो रहा की ये शुरुवात है। अभी से रोमांच शुरू हो गया है, "उसने उत्साहित होकर कहा।


फोटो: गायत्री परमेस्वरण © Love Matters/RNW

लेख में प्रस्तुत किये गए विचार लव मैटर्स के भी हो, ये आवश्यक नहीं है।

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